पीस पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष जेल गये, घटना के पीछे जिला पंचायत चुनाव की राजनीति

September 17, 2015 5:36 PM0 commentsViews: 397
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नजीर मलिक

snake-bite-78सर्पदंश से पीड़ित आदमी की मौत के बाद जिला अस्पताल में हुई तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने हिरसतमें लिएपीस पार्टीके पूर्व जिला अध्यक्ष मो उमर खां को जेल भेज दिया है। उनके साथ दो अन्य व 12 अज्ञात लोंगों को आईपीसी की संगीन धारा 147, 148, 149, 307, 332, 504 व 506 के तहत मुलजिम बनाया गया है। उमर के अलावा अन्य मुलजिम फरार हैं।

घटना के मुताबिक बुधवार को जिला चिकित्सालय में उस्का थानाके ग्राम खंटवा निवासी दशरथ की सर्पदंश से मौत हो गई थी। घटना के बाद सामाजिक कार्यकर्ता व पीपा के पूर्व जिलाध्यक्ष उमर खान भी वहां पहुंचे थे। पीड़ित उमर खान केपड़ोसी गांव के थे।
बाद में वहां लोग उग्र हो गये। सिद्धार्थनगर पुलिस वहां पहुंच गई। लोग भाग गये, लेकिन उमर पुलस से प्रतिवाद करतजे रहेै। इसकेबाद पुलिसने उन्हें हिरासत में ल ले लिया। बाद में उन्हें संगीन धाराओं में मुलजिम बना दिया।

उमर की गिरफृतारी पर कई सवाल हैं। अपराधी भाग गये। चाहते तो उमर भी भाग सकते थे। लेकिन वह भागने की बजाये पुलिस को तथ्य देने के लिए रुके रहे। पुलिस ने उमर को प्रतिवाद करने पर गिरफतार किया, लेकिन 14 अन्य लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
ठस बारे में उमर का कहना है कि वह इस बार चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। विरोधियों ने इस घटना का फायदा उठाया और उन्हें साजिशन जेल भेज दिया। जब कि सिद्धार्थनगर थानाध्यक्ष का कहनाहै कि वह मौके पर पकड़े गये।

अस्पतालके सीएमस डा ओपी सिंह का कहना है कि हमने केवल घटना की जानकारी दी। अब पुलिस क्या करती है, वह जाने। दूसरी तरफ पुलिस का कहनाहै किवह मौकेप र पकड़े गये। जब कि उमर का कहना है कि वह लोगों को समझाने गये थे। अगर तोड़फोड़ में होते तो सबकी तरह वह भी भाग निकलते।

बहरहाल उमर को जेल भेजा जा रहा है। उमर खान इस घटना को जिला पंचायत के चुनावमें दबंगों का प्रभाव बताते है जब कि पुलिस इसे मौक पर पकड़ जाने की कार्रवाई बताती है। पूरा मामला जांच का विषय है। देखें ऊंट किस करवट बैठता हैं।ॽ

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