बालिका के साथ कई दिनों तक होता रहा सामूहिक दुष्कर्म, पांच दबोचे गये

July 7, 2025 12:26 PM0 commentsViews: 1152
Share news

गिरफ्तार युवकों पर गैंगरेप व पास्को एक्ट के तहत मुकदमा, परिजन पुलिस की तत्काल मदद लेते तो यंत्रणा से बच सकती थी बालिका

नजीर मलिक

सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज क्षेत्र में एक नाबालिग युवती को अगवा करने के अलावा उसके साथ पांच युवकों द्धारा गैंग रेप का मामला प्रकाश में आया है। इसके बाद से कस्बे में सनसनी फैल गई है। पुलिस ने इस सिलसिले में पांचों युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार युवक नगर पंचायत डुमरियागंज के निवासी हैं। पीड़िता  बालिका की उम्र 16 वर्ष बतायी जाती है। इस घटना से साबित होता है कि आज भी समाज में स्त्री असुरक्षित है। उसकी रक्षा के लिए किसी बुलडोजर की भी कोई उम्मीद नही है।

पुलिस ने इस प्रकरणा में जिन युवकों को गिरफ्तार किया है उनके नाम इकबाल, इकरार, मेराज अहमद, बदरे आलम निवासी वार्ड नंबर 13 लक्ष्मण नगर व मोहम्मद अरमान निवासी वार्ड नंबर दो सुभाष नगर, थाना व कस्बा डुमरियागंज के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के साथ बालिका को भी ढूढ निकाला। पीड़ित बालिका ने रोते हुए अपने ऊपर हुए जुल्म की पूरी कहानी सुनाई।  इसके बाद पुलिस ने उन युवकों को गैगरेप के साथ अन्य कई धाराओं में आरोपित कर न्यायालय भेजा जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इसी के साथ उक्त बालिका का मडिकल परीक्षण भी कराया गया, जिसमें बलात्कार की पुष्टि हुई।

इस बारे में पता चला है कि उक्त बालिका पिछले 30 जून से घर से गायब हुई थी। घर वाले पहले उसे गुप चुप तलाशते रहे।अंत में थकहार कर शुक्रवार को थाने पर दरख्वास्त दिया। उक्त लड़की के भाई ने कस्बे के ही एक युवक पर लड़की के अगवा किये जने का संदेह व्यक्त किया। इसके बाद तो केस का खुलासा होना ही था। पुलिस ने उक्त युवक को रविवार को न केवल गिरफतार किया ब्लकि इस कांड में शामिल उसके चार अन्य साथियों को दबोचा व पीडित बालिका को भी खोज लिया। युवकों के पकड़े जाने के बाद लड़की ने अपने बयान में अपने अगवा किये जाने व साथ् में दुष्कर्म की बात को कबूल किया।

इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि परिजनों द्वारा दी गई तहरीर व किशोरी के बयान के आधार पर दर्ज अभियुक्तगण इकबाल, इकरार, मेराज अहमद, बदरे आलम व मोहम्मद अरमान को बहला कर अगवा करने वे गैंगरेप आदि की धारा 137(2),87, 65(1),70(1) बीएनएस व 5/6,11/12/16/17 पोक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर गिरफ्तार कर न्यायालय भेजा गया।

यहां उल्लेखनीय है कि यदि घर वालों ने निजी तौर पर खोजबीन के बजाये तत्काल ही पुलिस की मदद ली होती तो अभियुक्त तत्काल पकड़े जा सकते थे। इस प्रकार पीड़ित बालिका उस पाशविक अत्याचार से बच सकती थी, जो पांच दिनों तक उसके साथ् किया गया था। इसलिए जुर्म की किसी भी आशंका के पैदा होते ही पहले पुलिस के पास जाना चाहिए।

 

Leave a Reply