36 घंटे की मतगणना के बाद ध्रुव त्रिपाठी की जीत, चौथी बार पहुंचे विधान परिषद
अजीत सिंह
मतगणना के दौरान दोनों प्रत्याशियों के समर्थक लगातार परिणाम पर नजर बनाए हुए थे। मतों की गिनती आगे बढ़ने के साथ ही बढ़त का अंतर भी बदलता रहा। कभी ध्रुव त्रिपाठी के समर्थकों में उत्साह दिखाई देता तो कभी राजीव यादव की बढ़त से उनके खेमे में उम्मीदें मजबूत होती नजर आतीं। इस उतार-चढ़ाव ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया। दिनभर चली इस खींचतान के बाद शाम होते-होते तस्वीर साफ हुई और ध्रुव त्रिपाठी लगातार चौथी बार विधान परिषद पहुंचने में सफल रहे।
योगी के गढ़ में भाजपा की जीत के सियासी मायने
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक एमएलसी सीट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रभाव वाले क्षेत्र से जोड़कर भी देखा जाता है। ऐसे में भाजपा प्रत्याशी की जीत राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव ने भी कड़ी चुनौती पेश की। मतों का करीबी अंतर बताता है कि मुकाबला आखिरी समय तक आसान नहीं रहा।
ध्रुव त्रिपाठी की लगातार चौथी जीत ने शिक्षक राजनीति में उनके लंबे अनुभव और मजबूत चुनावी मौजूदगी को फिर चर्चा में ला दिया है। वहीं राजीव यादव की चुनौती ने इस चुनाव को एकतरफा होने से बचाए रखा। 36 घंटे की लंबी मतगणना के बाद आए नतीजे ने इस हाई-प्रोफाइल सीट पर सियासी चर्चाओं को भी तेज कर दिया है।
विपक्ष का आरोप व हंगामा
मतगणना के आखिरी दौर में विपक्षी और निर्दलीय उम्मीदवारों ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव और समाजवादी पार्टी के समर्थकों ने मतगणना में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए मतगणना केंद्र से वॉकआउट (बहिष्कार) किया था। हालांकि, निर्वाचन अधिकारियों द्वारा प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद भाजपा के ध्रुव कुमार त्रिपाठी को आधिकारिक तौर पर विजयी घोषित कर दिया गया।





