गोवंश घोटाला? महाराजगंज में 16 सौ पशुओं के गायब होने के मामले में डीएम समेत 5 अफसर सस्पेंड

October 15, 2019 11:51 am0 commentsViews: 358
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गोरखपुर/ महराजगंज। मधवलिया गोसदन से 1623 गोवंशीय पशुओं के गायब होने के मामले में आज महराजगंज के डीएम, निचलौल के एसडीएम, पूर्व एसडीएम सहित पांच अधिकारियों को निलम्बित कर दिया गया। प्रदेश सरकार ने गोवंशीय पशुओं के गायब होने के मामले में यह कहा है कि गोवंश की संख्या जानबूझ कर अधिक दर्शायी गयी है और इसके जरिए शासकीय धनराशि के दुरूपयोग व वित्तीय अनियमितता की गई है।

प्रदेश के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने आज इन अफसरों को निलम्बित किए जाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महराजगंज के डीएम अमर नाथ उपाध्याय, निचलौल के पूर्व उपजिलाधिकारी देवेन्द्र कुमार, वर्तमान उपजिलाधिकारी सत्यम मिश्र, महराजगंज के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. राजीव उपाध्याय व निचलौल के उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वीके मौर्य को निलम्बित कर दिया गया है और उनके विरूद्ध अनुशासनिक जांच की कार्यवाही शुरू की गई है।

मुख्य सचिव ने कहा कि मधवलिया गोसदन में गोवंश की बड़े पैमाने पर कमी और गोसदन की भूमि को लीज पर दिए जाने की जांच करायी गयी थी। जांच में निराश्रित गोवंश पशुओं की रजिस्टर में अंकित संख्या लगभग 2500 मिली जबकि स्थलीय भ्रमण में गोवंशीय पशुओं की संख्या 954 मिली। बड़ी संख्या में गोवंशीय पशुओं की कमी पर जांच समिति ने गंभीर अनियमितता तथा लापरवाही पायी है। इससे प्रतीत होता है कि गोवंश की संख्या जानबूझ कर अधिक दर्शायी गयी है जिससे प्रथम दृष्टया बड़े पैमाने पर शासकीय धन के दुरूपयोग एवं वित्तीय अनियमितता परिलक्षित हुई है।

उन्होंने कहा कि गोसदन हेतु 500 एकड़ भूमि का कब्जा वनभूमि से पशुपालन विभाग को दिया गया था। गोसदन समिति द्वारा लगभग 328 एकड़ भूमि को निर्धारित समयावधि के लिए हुंडा पर किसानों व अन्य व्यक्तियों व फर्म को दे दिया गया जो कि विधिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। यह गोसदन समिति के अधिकार क्षेत्र के बाहर का है। गोसदन की प्रबन्ध कारिणी समिति के अध्यक्ष महराजगंज के डीएम और एसडीएम निचलौल सदस्य हैं। प्रारम्भिक जांच में डीएम, एसडीएम व अन्य पांच अफसर दोषी पाए गए हैं, इसलिए उन्हें निलम्बित किया गया है।

(सौजन्य- मनोज कुमार सिंह)

 

 

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