‘हर एक घर में इबादत बहुत जरूरी है, वतन पे मिटने की चाहत बहुत ज़रूरी है’
स्वाधीनता दिवस पर नगर पालिका में काव्य गोष्ठी व विशेष सम्मान समारोह,
अध्यक्ष गोविंद माधव के इस प्रयास की साहित्यिक जगत में चहुंओर सराहना
नजीर मलिक
सिद्धार्थनगर। हर घर तिरंगा अभियान के अन्तर्गत स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नगर पालिका कार्यालय सिद्धार्थनगर में एक शाम राष्ट्र के नाम काव्य महोत्सव धूम धाम से संपन्न हुआ। डाक्टर विनयकांत मिश्र के राष्ट्र भक्ति से ओत प्रोत काव्य पाठ से शुरू हुए महोत्सव में नियाज़ कपिलवस्तुवी, गंगेश मिश्रा, सलोनी उपाध्याय, सलमान आमिर, अरूणेश विश्वकर्मा, विजय सिंह, ब्रह्मदेव शास्त्री पंकज, डा. ज्ञानेंद्र द्विवेदी ‘दीपक’ एवं वरिष्ठ पत्रकार नज़ीर मलिक आदि ने अपनी विविध रचनाओं के माध्यम से देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, प्रेम एवं भाईचारे का सशक्त संदेश दिया।
काव्य महोत्सव का प्रमुख आकर्षण बस्ती जनपद से पधारे वरिष्ठ पत्रकार एवं कवि विनोद उपाध्याय स्नेहिल की रचना ‘हर एक घर में इबादत बहुत ज़रूरी है, वतन पे मिटने की चाहत बहुत ज़रूरी है” श्रोताओं द्वारा ख़ूब सराही गई। इसके अलावा ज्ञानेन्द्र द्विवेदी की रचना ‘हम तो दरिया के सीने पर सैलाब की खेती करते हैं’ भी खूब सराही गई। कार्यक्रम का संचालन डा. सीमा मिश्रा ने किया।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित सांसद जगदंबिका पाल ने स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के आयोजन के लिए नपाध्यक्ष गोविन्द माधव की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि जनपद में साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गति विधियों के विकास के ऐसे कार्यक्रमों का नियमित आयोजन होना चाहिए। काव्य महोत्सव के आयोजक नपाध्यक्ष गोविन्द माधव ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी कवियों एवं श्रोताओं के प्रति आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम के अन्तर्गत उपस्थित कवियों सहित उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों के लिए सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव, रिटायर्ड शिक्षक रमेश सिंह बीएसएसी, केएम लाल श्रीवास्तव, प्रहलाद पांडेय आदि गणमान्य नागरिकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अधिशासी अधिकारी अजय सिंह सहित वरिष्ठ सभासद धनन्जय श्रीवास्तव, फतेबहादुर सिंह, जहीर सिद्दीकी, राजाराम लोधी सहित समस्त सभासदगण व पत्रकार संतोष श्रीवास्तव, सहित बड़ी संख्या में श्रोताओं की उपस्थिति रही। नगर पालिका द्वारा पहली बार इस साहित्यिक आयोजन के लिए अध्यक्ष गोविंद माधाव की बहुत सराहना की जा रही है।





