चार साल बाद समाजवादी साथियों के बीच पहुंच कर भावुक हुए मलिक कमाल यूसुफ

April 3, 2016 6:51 am0 commentsViews: 926
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नजीर मलिक

समाजवादी पार्टी की बैठक में बोलते और साथियों के साथ बाहर निकलते कमाल यूसुफ

समाजवादी पार्टी की बैठक में बोलते और साथियों के साथ बाहर निकलते कमाल यूसुफ

सिद्धार्थनगर। समाजवादी पार्टी की जिला इकाई की बैठक में डुमरियागंज के विधायक कल चार साल बाद शामिल हुए। पार्टी बैठक में शिकवा शिकायतों के बीच के पल बहुत भावुकता पूर्ण रहे। उनकी आंखें भीगीं तो कई पुराने साथी भी जज्बाती हुए।

पार्टी कार्यालय पर कल हुई बैठक में उनके दल त्यागने की बात आई। इक्का दुक्का लोगों ने इशारों में उनकी वफादारी पर सवाल उठाये, जिसके जवाब में कमाल यूसुफ ने पार्टी आलाकमान मुलायम सिहं यादव का नाम लिया और कहा कि उनकी वफादारी का प्रमाण नेता जी स्वयं है।

बैठक में लोगों के सवालों का जवाब देते हुए कमाल यूसुफ ने कहा कि उन्हों पार्टी जरूर छोड़ी, लेकिन कभी पार्टी की पाठ में छुरा नहीं भोंका। लेकिन और लोगों ने क्या क्या किया अगर वह गिनाने लगेंगे तो उनके चेहरे उतर जायेंगे। वह पार्टी के कितने वफादार हैं इसे सपा सुप्रीमों समझते हैं, न कि स्वार्थी तत्व, जो आज पार्टी को गालियां दे रहे हैं।

पूर्व विधायक लाल जी यादव के एक सवाल पर उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह यादव के एक इशारे पर उन्होंने अपना लोकसभा टिकट तक दूसरे पर न्यौछावर करने का साहस दिखाया है, लेकिन आज कुछ हताश लोग डुमरियागंज में उन पर गद्दारी का आरोप लगवा रहे हैं।

उन्होंने पार्टी अध्यक्ष झिनकू चौधरी को इंगित करते हुए कहा कि अध्यक्ष जी ऐसे कैसे चलेगा? इन लोगों पर लगाम कौन लगायेगा? यह लोग कमाल का विरोध कर रहे हैं या सपा का, मुख्यमंत्री जी और मुलायम सिंह जी का?

सूत्र बताते हैं कि कमाल यूसुफ के जज्बाती भाषण से माहौल बहुत भावुक हो गया। जिलाध्यक्ष झिनकू यादव ने कहा कि वह बयानबाजी करने ववालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। इसके बाद लोगों ने कमाल यूसुफ को बधाइयों दीं और उनका स्वागत किया।

बैठक में जिलाध्यक्ष अजय उर्फ झिनकू चौधरी समेंत पूर्व विधायक लाल जी यादव, महिला आयेग की सदस्य जुबैदा चौधरी, आशीष अग्रहरि, खुर्शीद खान, जगराम यादव, तौलेश्वर निषाद, तेज प्रताप सिंह, बलई जायसवाल, गुलाम नबी आजाद, सोनू यादव, उदयभान तिवारी आदि शामिल रहे।
बताते चलें कि गत विधानसभा चुनाव के समय कमाल यूसुफ ने पीस पार्टी के चुनाव चिन्ह पर चुनाव जीते थे। यह और बात है कि चुनाव जीतने के तत्काल बाद पीस पार्टी को अलविदा कह दिया था और समाजवादी पार्टी के दिग्गजों से लगाातार सम्पर्क बनाये हुए थे। सपा ने इस बार डुमरिागंज से उन्हीं को उम्मीदवार घोषित किया है।

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