संगीता ने प्रेमी संग मिलकर पति को मारा और लाश किया था मछलियों के हवाले
इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस से भी खौफनाक है कन्नन की हत्या, दस साल छोटे प्रेमी संग रची हत्या की साजिश, लाश को नदी में फेंका
नजीर मलिक
सिद्धार्थनगर। मध्य प्रदेश के इंदौर की सोनम ने शादी के बाद अपने पति की राजा रघुवंशी की हत्या अपने प्रेमी की साजिश से करा दी। ठीक इसी तर्ज पर जिले के नजरगढ़वा गांव की संगीता ने अपने पति कन्नन का कत्ल अपने प्रेमी संग मिल कर कर डाला। पिछलेदिनों इस प्रकार की कई कहानिया सामने आई हैं। निरंतर बढ़ती इस प्रकार की घटनाओं से लगता है कि वर्तमान में दिलों के रिश्ते के तार तार होने की घटनायें बढ़ती जा रही हैं और शादीशुदा महिलाएं पति की जान लेने में भी नहीं चूक रही हैं। ढेबरुआ थाना क्षेत्र के नजरगढ़वा गांव की संगीता
ने शादी के लगभग 18 वर्ष बाद प्रेमी की चाह में उससे मिलकर पति की हत्या करवा दी। वहीं पति कन्नन भी 18 वर्ष पहले दिल्ली से संगीता को प्रेम विवाह करके ही गांव लाया था, जिससे जिले में दोनों घटनाओं को जोड़कर चर्चाएं हो रही हैं।
नजरगढवा गांव का कन्नन 18 साल पहले दिल्ली में काम करता था। इसी दौरान 20 वर्षीया संगीता से उसे प्यार हुआ। दीवानगी इस तरह बढ़ी कि दोनों ने शादी की और संगीता को लेकर कन्नन अपने गांव नजर गढ़वा आ गया। यह उसका 10 साल का बेटा भी हुआ। कन्नन इस मछली बेल्ट में मछली मारने के ठेके का काम करने लगा। लेकिन डेंढ वर्ष पूर्व कन्नन के जीवन में तब एक खमोश भूचाल आया जब 38 साल की संगीता की आंखें बलरामपुर जनपद के लक्षणपुर धर्मपुर थाना ललिया निवासी जथा अपने से दस साल छोटे यानी 28 साल के अनिल शुक्ल से लड़ गईं। संगीता के मुताबिक दोनों की मुलाकात एक यात्रा के दौरान हुई थी।
दूसरी तरफ गांव के बेहद शरीफ इंसानों में शुमार कन्नन को अपन पत्नी की इस करतूत के बारे में कोई जानकारी न थी। संगीता प्रेमी से अक्सर तुलसीपुर में बहाने से मिलती थी। डेढ़ साल से चल रहे प्रेम में दोनों ने एक दूसरे का होने के लिए कन्नन की हत्या की साजिश रची। इसके बाद संगीता अपने पति कन्नन को बहाने से लेकर बलरामपुर गई। जहां उसने प्रेमी के साथ मिल कर कन्नन को नशीला पदार्थ खिलाया। इसके बाद कन्नन के बेहोश होने पर संगीता ने प्रेमी अनिल के साथ मिल कर पति को पास की राप्ती नदी में फेंक दिया। उसका मानना था कि लाश को तीन चाार दिन में मछलियां खा जायेंगी तब सब कुछ ठीक हो जायेगाा। लोगों की निगाह से बचने के लिए संगीता ने 5 जून को ढेबरूआ थाने में कन्नन की गुमशुदगी की तहरीर भी दर्ज कराई थी।
तहरीर पर पुलिस जांच में जुट गई। कन्नन संगीता के साथ बलरामपुर जाने के बाद से नहीं दिखा था। इसलिए पुलिस का शक संगीता पर भी गया। कन्नन के अलग रहने वाले भाई बाबूलाल ने भी कुछ ऐसी शंका व्यक्त की। आखिर पुलिस ने संगीता को घरा तो वह दबाव न झेल सकी और टूट गई। उसने पुलिस को पूरी कहानी बता दी। उसने कन्नन को नदी में फेंके जाने की बात भी कही। मंगलवार को मौके पर पहुंची सिद्धार्थनगर और बलरामपुर पुलिस टीम ने
संगीता की निशानदेही पर पुल से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे बलरामपुर के देहात कोतवाली क्षेत्र के सेमरहना गांव के पास नदी से कन्नन की लाश बरामद की। लाश मछलियों ने खा लिया था। केवल कंकाल ही बचाा था। उसे कपड़ों से पहचाना गया। इस बारे में ग्राम प्रधान पतिनिधि राम सूरत यादव ने बताया कि कन्नन लगभग 18 वर्ष पहले दिल्ली से संगीता को प्रेम विवाह करके लाया था। उनके अनुसार, वह दो फरवरी को प्राइवेट वाहन से घर से निकले थे। फिर संगीता तो आई मगर कन्नन नहीं लौटा। फिर जांच में उसका कंकाल ही आया।
समाचार लिखने तक संगीता अपने प्रेमी के साथा जेल में है। जिले में इंदौर की सोनम और राजा रघुवंशी का मामले की तरह कन्नन की हत्या भी पूर्वाचल के इलाके में सुर्खियों में है। ढेबरुआ एसएचओ गौरव कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र की रेकहट ग्राम पंचायत के नजरगढ़वा की रहने वाली संगीता ने दो जून को पति कन्नन (48) की गुमशुदगी की तहरीर दी थी। जिसकी जांच के बाद यह कहानी सामने आई।







