कर्मचारी हड़ताल करेंगे तो वेतन किसी हालत में नहीं दिया जायेगा- डीएम कुणाल सिल्कू

October 23, 2018 4:39 pm0 commentsViews: 484
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अजीत सिंह

सिद्धार्थनगर। कर्मचारी संगठनों द्वारा पुरानी पेंश्न बहाली हेतु 25 अक्तूबर  से प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर जिलाधिकारी श्री कुणाल सिल्कू ने हड़ताल को समस्या का हल नहीं बताते हुए ऐलान किया है कि हड़ताल करने पर किसी भी कर्मचारी का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा, न ही उन्हें दस काल का बेतन दिया जाएगा। पुरानी पेंशन में बदलाव केन्द्र सरकार द्वारा किया जा सकता है।

आज यहां एक बैठक में जिलाधिकारी कुणाल सिल्कू ने स्पष्ट कहा कि हड़ताल के दिन किसी भी अधिकारी/कर्मचारी का अवकाश स्वीकृत नही किया जायेगा। साथ ही साथ यह भी निर्देश भी दिया कि अधिकारी/कर्मचारी अनुपस्थित रहने पर कार्य नही तो वेतन नही सिद्धान्त का कठोरता से अनुपालन किया जायेगा। जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों से कहा कि कर्मचारी संगठनों से वार्ता जारी रखे। हड़ताल के दौरान कोई तोड़-फोड़ अथवा हिंसक गतिविधि कदापि नही होनी चाहिए।

जिलाधिकारी ने समस्त अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नवीन पेंशन के खाते सभी कर्मचारियों के खुल जाने चाहिए। स्वास्थ्य विद्युत, पेयजल एमरजेंसी/आवष्यक सेवायें बाधित नही होनी चाहिए। जिलाधिकारी श्री कुणाल सिल्कू ने समस्त कर्मचारी संगठन के पदाधकारियों से अपील करते हुए कहा कि कार्यालय में राजकीय कार्य कर रहे अधिकारी/कर्मचारी के साथ किसी भी प्रकार की अभ्रदता नही होनी चाहिए।

बैठक में प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राधारमण त्रिपाठी व राज्य कर्मचारी सयुक्त परिषद के अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि उ.प्र. में 200 कर्मचारी संगठन है जिसमें 68 जनपद सिद्धार्थनगर में क्रियाशील है तथा ये सभी संगठन हड़ताल में शामिल रहेंगे। प्राथमिक शिक्षक संघ, राज्य कर्मचारी सयुक्त परिषद, पी.एम.एस., तथा अन्य सभी संगठन हड़ताल पर रहेंगे।

बैठक में उपरोक्त के  अलावा सीडीओ हर्षिता माथुर, प्रमोद शंकर शुक्ल के अतिरिक्त उपजिलाधिकारी डुमरियागंज राजेन्द्र प्रसाद, एसडीएम उमेश चन्द्र निगम, क्षेत्राधिकारी दिलीप कुमार सिंह, जिला बेसिक षिक्षा अधिकारी राम सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक डा. राजबहादुर मौर्य, ए.आर.टी.ओ. आशुतोश शुक्ल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी/ जिला सूचना अधिकारी आशुतोष पाण्डेय, ड. सौरभ चतुर्वेदी, तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।

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