खाद को लेकर प्राइवेट दुकानों पर अंकुश नहीं, समितियों पर उमड़ रही भीड़- कुँवर विक्रम सिंह
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन कुंवर विक्रम सिंह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर जनपद में खाद वितरण में व्याप्त अनियमितताओं एवं कालाबाजारी की समस्या से अवगत कराया। बताया कि जनपद में कुल खाद आवंटन का लगभग 30 फीसदी सहकारी समितियों के पास और 70 फीसदी निजी क्षेत्र में होता है। इसके बावजूद करीब 70 प्रतिशत किसान खाद लेने के लिए सहकारी समितियों पर पहुंच जाते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि सहकारी समितियों में उपलब्ध खाद की आवंटन सूची सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित की जाती है, जबकि निजी क्षेत्र में खाद आवंटन की सूची जिला कृषि अधिकारी द्वारा सार्वजनिक नहीं की जाती।
जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन कुंवर विक्रम सिंह ने कहा कि सहकारी समितियों पर किसानों को उचित दर पर खाद उपलब्ध हो जाती है, जबकि निजी दुकानदार मनमाने दामों पर खाद बेचते हैं। पारदर्शिता के अभाव में किसानों को निजी क्षेत्र में उपलब्ध खाद की जानकारी नहीं मिल पाती, जिससे समितियों पर लंबी कतारें लगती हैं और अव्यवस्था बढ़ती है। सुझाव दिया कि जिस प्रकार सहकारी समितियों पर खाद वितरण के समय अधिकारी मौजूद रहते हैं, उसी तरह जिलाधिकारी के निर्देश पर निजी दुकानों पर भी किसी जिम्मेदार कर्मचारी की निगरानी में खाद का वितरण कराया जाए।
साथ ही निजी क्षेत्र के स्टॉकिस्ट व फुटकर विक्रेताओं को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे किसानों को नियत दर पर खाद दे सकें। उन्होंने कहा कि जब तक निजी क्षेत्र में खाद आवंटन की ब्लॉकवार सूची जिला कृषि अधिकारी द्वारा सूचना विभाग या सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक नहीं की जाती, तब तक किसानों की खाद संबंधी समस्या बनी रहेगी। पारदर्शी व्यवस्था लागू होने से किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद मिल सकेगी तथा कालाबाजारी पर प्रभावी अंकुश लगेगा।





