जेजे हास्पिटल में आधुनिक डायलिसिस सेंटर, किडनी विषेषज्ञ डा. बी. आलम की निगरानी में
यूरोलाजी और किडनी ट्रांस प्लांट सर्जन डा. बदरे आलम की निगरानी में होती है डायलिसिस
कम फीस, आधुनिक सिस्टम व दक्षता के बल पर राहत देना हमारा संकल्प-डा-जावेद आलम
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। शुभारंभ के ठीक दस दिन बाद बुधवार से जेजे हास्पिटल में डायलिसिस सेंटर ने काम करना शुरू कर दिया है। यह सेंटर अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से किडनी विशेषज्ञ डा. बदरे आलम की निगरानी में काम कर रहा है। डा. आलाम किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन हैं। इस क्षेत्र में वह काफी अनुभव रखते हैं।
विशाल आहाता व भव्य बिल्डिंग वाले अस्पताल में एक बार प्रवेश करने के बाद वहां का वातावरण देख कर आम तौर से मरीज को सुकून मिलता है। इसके बाद डाक्टरों के कक्ष और सिस्टम सेंटर हैं। उन्हीं में से डायलिसिस सेंटर भी है। सिद्धार्थनगर मुख्यालय पर अभी तक जिला अस्पताल कके अलावा दो डायलिसिस सेंटर थे। इस जिले के कई हजार किडनी रोगी के डायलिसिस के लिए कम थे। ऊपर से जिला अस्पताल में सरकारी रोगियों की भीड़ रहती थी। ऐसे में मात्र दो और सेंटर इस कामम के लिए नाकाफी थे।
जेजे हास्पिटल का डायलिसिस सेंटर इन अर्थों में महत्वपूर्ण है कि उनकी मशीन आधुनिक हैं। टेक्नालजी के इस दौर में उन्नत तकनीक के आपरेटस का अपना महत्व है। तकनीक के लिहाज से जेजे का डायलिसिस सेंटर बेजोड़ है। इस बारे में हास्पिटल के डायरेक्टर डा. जावेद आलम कहते हैं कि वे असपताल में कम फीस पर उन्नतशील आपेरेटस और अनुभव के साहारे पेशेंट को बेहतर सुविधा देने को संकल्पित है। तो परीक्षण के तौर पर किडनी पेशेंट और डालिसिस के मरीज एक बार वहां से अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।





