किसानों की समस्या पर हो विचार कुंभकरणी नींद से जागो सरकार- त्रिभुवन मिश्र

October 17, 2020 3:17 pm0 commentsViews: 74
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शिव श्रीवास्तव

महाराजगंज। किसानों के हितैषी बनने का दम भरने वाले नरेंद्र मोदी और योगी तथा उनके सांसद विधायक किसी को आज किसानों के हालात दिखाई नहीं दे रहे। क्रय केंद्र कल से खुल गए लेकिन किसानों के रजिस्ट्रेशन का सत्यापन अभी भी तहसीलों में नहीं हो रहा  है। तहसील प्रशासन का बहाना है अभी पासवर्ड नहीं मिला है।

उक्त विचार कांग्रेस पार्टी के प्रांतीय मंत्री त्रिभुवन नरायण मिश्र ने व्यक्त किया।मिश्र कल सहां एक प्रेस कान्फ्रेंस को सम्बधित कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगायाकिसानों की समस्या से परि होकर सरकार कुंभकर्णी नींद सो रही है।

कांग्रेस नेता मिश्र ने कहाकि समाचार पत्रों में छपा है क्रय केंद्र तो खुल गए किसान नहीं गए जब किसानों के रजिस्ट्रेशन का सत्यापन ही नहीं हुआ तो किसान कैसे अपना ध्यान लेकर क्रय केंद्र पर जाएंगे यह एक यक्ष प्रश्न समाचार जगत के हमारे साथियों के लिए है जब खुला बाजार हैं तो भारतीय जनता पार्टी की सरकार क्यों नहीं उन व्यापारियों को कड़ाई से निर्देशित करती कि सरकारी दर पर ही  धान खरीदें।

एक तो किसान और उसकी फसल पहले ही बाढ़ के पानी से बर्बाद है उसकी फसल का बीमा तो होता है लेकिन बीमा मिलता नहीं उल्टे 12 सौ रुपए कुंतल की दर से किसानों के धान खरीदे जा रहे हैं। लाचार किसान उक्त दर पर अपना धान बेचने को मजबूर है।


 उन्होंने कहा कि इस दर पर खरीदने वाले तमाम ऐसे भी व्यापारी या बिचौलिए हैं जो किसान का धान खरीद कर सरकारी क्रय केंद्र पर बेच देते हैं वही अप्रत्यक्ष रूप से सरकारी क्रय केंद्र भी चला रहे है।  किसान लाचार है मजबूर है परेशान है उसे और मत सताइए रहीम दास जी की एक कविता है दुर्बल को ना सताइए जाकी मोटी हाय। मुये खाल की स्वास सों सार भस्म हुई जाए ।। इसलिए प्रशासन से अनुरोध है की भस्म होने का कार्य न करें तथा तहसीलों में रजिस्ट्रेशन का सत्यापन कराकर किसानों का धान खरीद सुनिश्चित कराए।

कांग्रेस नेता ने अंत में कहा कि सरकारी मानक के अनुसार किसानों का धान सरकारी दर पर खरीदें नहीं तो उनके क्रय करने का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाना चाहिए यही किसानों के हित में होगा और इसके लिए सत्ता हो या विपक्ष, किसानों का वोट लेकर के कुंभकरण की नींद में सोने वाले जनप्रतिनिधि भी जागे और किसानों के दर्द पर मरहम लगाएं।

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