सिद्धार्थनगर में सीएम का आगमन: खराब बीज से बर्बाद किसानों की आस अब ‘योगी जी’ पर, मुआवजे के वादे के बाद भी खाली हैं हाथ
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनपद सिद्धार्थनगर आगमन पर जहां एक ओर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं, वहीं दूसरी ओर जिले के पीड़ित किसान अपनी एक पुरानी और गंभीर व्यथा लेकर मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
पिछले वर्ष जनपद के किसानों ने राजकीय कृषि बीज भंडार से BPT 5204 (सांभा धान) का बीज खरीदा था। लेकिन वह बीज अमानक (घटिया) और अगेती प्रजाति का निकला।
- 30-35 दिन में ही निकल आई बालियां: रोपाई के मात्र महीने भर बाद ही फसल में बालियां निकलने लगीं—कुछ निकल चुकी थीं, कुछ निकल रही थीं और कुछ शुरुआती चरण में थीं। इससे किसानों की धान की पूरी फसल चौपट हो गई।
- 5 बार हुई जांच, रिपोर्ट में बीज निकला घटिया: जिलाधिकारी के निर्देश पर कृषि वैज्ञानिकों और जांच टीमों ने 5 बार स्थलीय निरीक्षण किया। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से बीज के अमानक और अगेती प्रजाति होने की पुष्टि हुई, जिसे शासन को भी भेजा गया।
अधिकारियों के वादे और कागजी प्रक्रिया पूरी, फिर भी मुआवजा गायब
किसानों का कहना है कि उन्होंने इस समस्या को लेकर उप जिलाधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिलाधिकारी, मंडलायुक्त (बस्ती मंडल), कृषि सचिव, स्थानीय सांसद, प्रभारी मंत्री और कृषि मंत्री तक से व्यक्तिगत मिलकर गुहार लगाई।
“हमें बार-बार आश्वस्त किया गया कि नुकसान का मुआवजा मिलेगा। समाचार पत्रों में भी मुआवजा राशि स्वीकृत होने की खबरें आईं। कृषि विभाग ने मुआवजा भेजने के नाम पर किसानों से धान खरीद की रसीद और बैंक पासबुक तक जमा करवा ली, लेकिन आज तक एक रुपया भी किसानों के खाते में नहीं आया।” — कृष्णपाल सिंह पीड़ित किसान सिद्धार्थनगर
जनप्रतिनिधियों से किसानों की करबद्ध अपील
मुख्यमंत्री के आगमन पर जिले के किसानों ने क्षेत्रीय सांसद जगदम्बिका पाल, विधायक राजा जय प्रताप सिंह, श्यामधनी राही, राघवेंद्र प्रताप सिंह, सतीश द्विवेदी, दीपक मौर्या, कन्हैया पासवान, गोविंद माधव और फतेबहादुर सिंह, लवकुश ओझा सहित जिले के सभी सम्मानित जनप्रतिनिधियों से भावुक अपील की है।
किसानों का आग्रह है कि माननीय मुख्यमंत्री जी के सिद्धार्थनगर आगमन के इस अवसर पर इस गंभीर मुद्दे को उनके समक्ष प्रमुखता से उठाया जाए, ताकि विभागीय लापरवाही का दंश झेल रहे पीड़ित किसानों को जल्द से जल्द उनका हक और मुआवजा मिल सके।





