उसका लूट प्रकरण के फर्जी होने की आशंका, नामजद आरोपी घटना में लिप्त नहीं
नजीर मलिक
सिद्धार्थनगर। उसका बाजार थानाध्यक्ष क्षेत्र के गा्रम कोल्हुआ में दस दिन पूर्व घटित लमट की घटना के फर्जी होने के आसार बन गये हैं। आशंका है कि इस प्रकार की कोई वारदात नहीं हुई बल्कि इस प्रकरण में तीन युवकों को गलत तरीके से नामजद किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस की छानबीन में पता चला है कि वादी नितेश पुत्र गणेश त्रिपाठी निवासी कोल्हुआ ढाला के साथ गत 26 जुलाई की रात लूट की जिस कथित घटना में तीन युवकों को नामजद किया गया था वह सभी निर्दोष पाये गये हैं। ज्ञात रहे कि स्यंय नितेश के मुताबिक घटना के समय नितेश ने किसी को पहचाना नहीं था। परन्तु 3 किमी दूर थाने पर पहुंचते ही उसने पास के खैरा गांव के तीन युवकों अनिल, जितेन्द्र और रवीन्द्र यादव के खिलाफ नामजद तहरीर दे दी।
तहरीर के बाद पुलिस ने उसी समय तीनों के घर दबिश दिया तो सभी घर पर आराम से सोते मिले। उनकी बाइक की जाच की गई तो बिलकुल ठंढी मिली। गांव वालों ने भी बताया वह आठ बजे घटना के समय गांव में ही थे। इसके बाद भी नामजद होने के कारण पुलिस उन्हें कई दिन तक थाने पर बिठाकर पूछताछ करती रही। लेकिन आगे की जांच में भी वे निर्दोष पाये गये। इस बारे में अपर पुलिस अधीक्षक सुरेश चन्द्र रावत ने बताया कि जांच में तीनों युवक घटना में लिप्त नहीं थो। सच का पता लगाने के लिए पुलिस जुटी हुई है।





