हांगकांग से लौटे अस्थि कलश और रत्न कपिलवस्तु में स्थापित करने की उम्मीद जगी
अस्थि कलश व 331 रत्न की स्थापना के मांग पर पीएमओ सक्रिय
प्रधानमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान, जिलाधिकारी से आख्या मांगी
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। हांगकांग से भारत लौटे पिपरहवा से जुड़े 331 रत्न एवं नई दिल्ली संग्रहालय में सुरक्षित रखे गए भगवान बुद्ध से संबंधित अस्थि कलश को सिद्धार्थनगर जनपद स्थित कपिलवस्तु में स्थापित किए जाने की मांग पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने संज्ञान लिया है। टीम यशोभूमि के अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए अनुरोध पत्र पर पीएमओ कार्यालय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी सिद्धार्थनगर से आख्या मांगी है। जिलाधिकारी ने इस संबंध में पत्र को उपजिलाधिकारी सदर को प्रेषित कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि 1898 में हुई खुदाई के दौरान पिपरहवा से मिले 331 रत्न और अस्थि कलश को लंबे समय से विदेश एवं दिल्ली संग्रहालय में सुरक्षित रखा गया था। हाल ही में इन्हें भारत वापस लाए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर इन्हें कपिलवस्तु, सिद्धार्थनगर में स्थापित किए जाने की मांग तेज हो गई। स्थानीय नागरिकों और बौद्ध अनुयायियों का कहना है कि यदि यह धरोहर कपिलवस्तु में स्थापित होती है तो इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और श्रद्धालुओं को प्रत्यक्ष दर्शन का अवसर प्राप्त होगा।
पीएमओ कार्यालय की पहल से जिले के लोगों में आशा जगी है कि ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इन धरोहरों को शीघ्र ही कपिलवस्तु में स्थापित किया जा सकेगा। टीम यशोभूमि के अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री कार्यालय से इस सार्थक एवं सकारात्मक पहल पर प्रथम दृष्टया आभार जताया है।





