मछुआ समाज का मेला सम्पन्न, रोचक है पूजा की कहानी

April 4, 2017 4:38 PM0 commentsViews: 468
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अमित श्रीवास्तव

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मिश्रौलिया, सिद्धार्थनगर। बांसी तहसील के बडहर घाट गांव के परासी नदी के तट पर मछुआ समुदाय के देशी व विदेशी मल्लाहों ने सोमवार को गंगा पूजा कर अपने इस्ट देव भगवान विष्णु की आराधना की।मछुआ समुदाय के लोगों ने बताया कि पूर्वजों के समय से ही प्रत्येक तीन वर्षो पर यह पूजा मल्लाह समुदाय द्वारा की जाती है। इस मेले में प्रदेश के कई जिलों के मछुआ समाज ने भागीदारी की।

मछुआ समाज के मेले और पूजा की कहानी बड़ी रोचक है। बतातें हैं कि कई सौ वर्षो पहले इनके समुदाय के 1600 मछुआरों को किसी राजा ने बन्धक बना लिया और एक पत्थर की हाथी व एक पत्थर का घोडा बनवाया और पूरे मछुआ समुदाय के लोगो से कहा कि जब कोई पत्थर की मूर्ति को चला देगा तभी इन लोगों को छोडेंगे।

ऐसी स्थिति में मछुआ समुदाय के मल्लाह जाति के लोगों ने अपने आराध्य भगवान विष्णु की आराधना के साथ गंगा पूजा की और इसी पूजा में माता गंगा ने उन्हें बताया कि तुम लोग अमर सिंह के पास जाओ जो भगवान विष्णु के अवतार है और इसी कार्य के लिये उन्होंने यह रूप धारण किया है।

मल्लाह जाति के लोग अमर सिंह के पास गये अमर सिंह ने अपने शिष्य कादिर को साथ लेकर गंगा पूजा की और उनके शिष्य ने इस पूजा के बाद पत्थर की मूर्ति को डण्डे से मारकर चला दिया तभी से मछुआ समुदाय मल्लाह जाति के लोग यह गंगा पूजा करते आ रहे हैं।इस पूजा में नेपाल,गोरखपुर,बिहार,बस्ती सहित जिले के कई स्थानों से तमाम मछुआ समुदाय के लोग हर तीसरे वर्ष यहां इक्कट्ठा होकर गंगा पूजा के साथ अमर सिंह की पूजा करते हैं।

अमर सिंह का विशाल मन्दिर सियूरा बिहार में है ऐसा मछुआ समुदाय के लोगो ने बताया।इस पूजा में मछुवा बडहरघाट के रामदास, विभूति प्रसाद, कन्हई, हरीहर, संतराम, परमहंस, दलसिंगार, विभूति प्रसाद, रमेश व बडहर घाट गांव के ग्रामीणों सहित हजारों की संख्या में महिला पुरुष शामिल हुये।

 

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