पति, पत्नी व प्रेमी बीच पंचायत, पत्नी गई प्रेमी संग, पिता को मिले चारो बच्चे
दोनां के बीच था मामी और भांजे का रिश्ता, मगर अंधे प्यार
ने नहीं किया उम्र के बंधन और रिश्ते की पवित्रता की परवाह
नजीर मलिक
सिद्धार्थनगर। पति, पत्नी और प्रेमी की पंचायत भवानीगंज थाने पर थी। परसा मुर्तजा गांव के रामचरन की 40 वर्षीया पत्नी अपने चार बच्चों और 21 सल के प्रेमी के साथ पंचायत में बैठे थे। थाना क्षेत्र के परसा मुर्तजा गांव निवासी राम चरन अपने बच्चों के भविष्य के लिए घर से भागी हुई पत्नी को अपनाने को तैयार था, लेकिन पत्नी अपने से 19 साल छोटे ग्राम भानपूर रानी निवासी प्रेमी परशुराम को छोडने के लिए तैयार न थी। उसका प्रेमी परशुराम तो चारों बच्चों को भी अपनाने को तैयार था। लेकिन बच्चे अपनी मां के साथ रहने को बिलकुल तैयार न थे। यहां यह भी बता दें कि रामचरन की पत्नी और उसके प्रेमी के बीच मामी- भांजे का रिश्ता भी था।
बहरहाल थानेदार व कई सम्मानितजनों के बुहत समझाने पर तय हुआ कि रामचरन अपनी पत्नी को त्याग देगा। उसकी पत्नी अपने 21 साल के प्रेमी परशुराम के साथ जायेगी और बच्चे तय करें कि वह किसके साथ रहेंगे। अंत में उसकी 15-16 साल की दो ल़ड़कियों और उससे छोटे बेटों ने पिता के साथ रहने को कहा। बस इसी शर्त पर समझौता हो गया।
बता दें कि भवानीगंज थाना क्षेत्र के परसा मुर्तजा गांव निवासी रामचरन की 35 साल की पत्नी अपने 21 साल के प्रेमी के साथ पिछले सप्ताह भाग गई थी, जिसकी तहरीर थाने में थी। रविवार को भवानीगंज पुलिस ने दबाव बना कर सभी पक्षों को थाने पर बुलाया और बहुत समझाने के बाद उक्त आशय का समझौता हुआ। दोनों अगल बगल गांव के निवासी हैं। दोनों के बीच मामी-भांजे का भी रिश्ता था। लेकिन अंधे प्रेम के आगे उम्र की ही नही, पवित्र रिश्ते की भी डोर टूट गई।
चार बच्चों की मां के प्रेमी के साथ रहने के समझौते की क्षेत्र में व्यापक चर्चा का विषय है। राम चरन की शादी 25 वर्ष पूर्व उसी थाना क्षेत्र के गरदहिया की उक्त महिला से हुई थी। प्रेमी युवक ने महिला से कोर्ट मैरिज भी की है। थाने पर सुलह-समझौता होने के बाद प्रेमी युवक (भांजा) अपनी प्रेमिका (मामी) को साथ लेकर अपने घर चला गया।
उक्त घटना आग की तरह क्षेत्र में फैल गई है। लोग तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा ने बताया कि महिला के पति की शिकायत पर दोनों को थाने बुलाया गया था। दोनों बालिग हैं और विशेष विवाह न्यायालय में विवाह के लिए आवेदन भी किया। इसलिए दोनों को समझा-बुझाकर भेज दिया गया है।





