पुत्री के इलाज के लिए गए अधिवक्ता से मारपीट करने के आरोपी डाक्टर को न्यायालय ने किया तलब

July 28, 2023 1:12 PM0 commentsViews: 772
Share news

देवेश श्रीवास्तव

सिद्धार्थनगर। जिला संयुक्त चिकित्सालय में रात्रि के समय अपने पुत्री का इलाज करवाने गए अधिवक्ता से मारपीट करने, धमकाने व सम्पत्ति को क्षति कारित करने के आरोपी चिकित्सक को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रद्धा भारतीय ने विचारण के लिए तलब कर लिया है।
घटना सदर थानाक्षेत्र स्थित जिला संयुक्त चिकित्सालत के पीआईसीयू वार्ड में 24/25 दिसम्बर 2022 की रात्रि 3:30 बजे घटी थी।

जिला मुख्यालय पर प्रैक्टिस करने वाले मुड़िला निवासी अधिवक्ता पशुपतिनाथ दूबे पुत्र ओमप्रकाश दूबे 24/25 दिसम्बर 2022 की रात में अपनी 8 माह की पुत्री स्वास्तिका तेज बुखार व दर्द से पीड़ित थी जिसके दवा इलाज के लिए माधव प्रसाद चिकित्सा महाविद्यालय सह संयुक्त जिला चिकित्सालय सिद्धार्थनगर में समय लगभग 3:30 बजे रात्रि में गए तो इमरजेन्सी वार्ड में किसी डाक्टर के न मिलने पर उन्हें पीआईसीयू वार्ड मे भेजा गया। जहां मौके पर कोई डाक्टर ड्यूटी पर उपस्थित नहीं था।

उन्होंने प्रभारी प्राचार्य डा. ए के झा को फोन पर अपनी समस्या बताया उस वक्त वार्ड में ड्यूटी लगने के बावजूद पीआईसीयू वार्ड इंचार्ज डा. शैलेन्द्र कुमार आवास पर सोये थे। डा. ए के झा के कहने पर डा. शैलेन्द्र कुमार नशे की हालत में बहुत देर बाद 4:45 बजे हॉस्पिटल से झुँझलाकर आये और आते ही उनके ऊपर भड़क गये और भद्दी भद्दी गाली देते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे मना करने पर पुत्री का इलाज न करके अभद्रता पूर्वक व्यवहार करते हुए व जूता निकालकर मारने का प्रयास करते हुए व पीआईसीयू वार्ड से अपमानित करके धक्के मारकर बाहर करने लगे।

धक्का मारने व बाहर निकालने के दौरान डा. शैलेन्द्र कुमार उनके गले से सोने की चैन खींच लिए। उक्त चिकित्सक उनको काफी अपमानित किया और कहा तुम्हारी बेटी मरे या जिन्दा रहे मुझे कोई फर्क नही पड़ता, तुम मुझे जानते नही हो मै तुम्हे बरबाद कर दूंगा और उल्टा इन्जेक्शन लगाकर तुम्हारी बेटी की जान ले लूंगा, अभी पुलिस बुलाकर तुम्हे फर्जी मुकदमें में फंसाकर जेल भेजवा दूंगा। अधिवक्ता का भाई दुर्व्यवहार का वीडियो बनाने लगा तो चिकित्सक ने मोबाइल छीनकर फर्श पर पटककर तोड़ दिया गया।

उनके द्वारा पुलिस को सूचना देने के बावजूद भी थाने व एसपी स्तर से कोई कार्यवाही नहीं की गई जिससे क्षुब्ध होकर उन्होंने न्यायालय में परिवाद दाखिल किया। न्यायालय ने प्रारम्भिक जांच में अधिवक्ता व गवाहों का साक्ष्य लेने के बाद परिवाद का संज्ञान लेते हुए मारपीट करने अपमानित करने सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाने के अपराध में डा. शैलेन्द्र कुमार को विचारण हेतु तलब कर लिया है।

Leave a Reply