आत्मरक्षा के लिए बंदूक के मुकबले मार्शल आर्ट ज्यादा कारगर–साहनी

January 9, 2016 5:33 pm0 commentsViews: 960
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संजीव श्रीवास्तव

martial

सिद्धार्थनगर जिला मुख्यालय से आठ किमी दूर मसिना स्थित सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल में शनिवार को आयोजित बेल्ट टेस्ट के दौरान प्रशिक्षक विद्या सागर साहनी ने कहा कि आत्मरक्षा के क्षेत्र में मार्शल आर्ट प्रमुख शस़्त्र बन गया है। इसमें निपुण लोग लाठी बंदूक के मुकाबले बेहतर तरीके से अपनी रक्षा कर सकते हैं।

साहनी ने कहा कि आज जमाना बदल गया है। लोग आत्म सुरक्षा के लिए विभिन्न प्रकार के असलहों का उपयोग कर रहे हैं, मगर मार्शल आर्ट एक ऐसी प्रणाली है जिसमें व्यक्ति बिना किसी अस्त्र और शस्त्र के अपनी सुरक्षा कर सकता है।

स्कूल के प्रधानाचार्य विश्व बंधु दूबे ने कहा कि आज समाज में जिस तेजी के साथ अपराध बढ़ रहे हैं, उससे सभी के लिए आत्म सुरक्षा जरुरी हो गया है। स्कूल का प्रबंध तंत्र यहां पढ़ने वाले बच्चों को पढ़ाई के साथ- साथ आत्म सुरक्षा के क्षेत्र में भी निपुण करना चाहता है।

यही कारण है कि इस विद्यालय में पिछले तीन वर्षो से लगतार बच्चों को मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कई बच्चे तो इस कला में निपुण भी हो चुके हैं। उन्होंने प्रशिक्षक दया सागर के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस कार्यक्रम में 14 बच्चों को व्हाइट से ऐलो बेल्ट प्रदान किया गया।

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