मायावती ने खेला मुम्बई कार्ड, मुस्लिम उम्मीदवार लगा रहे मुम्बई, वापी का चक्कर

November 6, 2016 10:53 am0 commentsViews: 256
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नजीर मलिक

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‘यूपी का चुनाव जीतने के लिए बसपा सुप्रीमों मायावती ने मुसलमानों को अपने खेमे में खड़ा करने के लिए बड़ी चालाकी से अपनी रणनीति बनाई है। इनमें से एक उनका मुम्बई कार्ड भी है। उनका यह दांव सफल भी होता दिख रहा है। जबकि उनकी प्रतिद्धंदी सपा इस मामले में फिसड्उी साबित हुई है।‘

विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक सन् 2017  के चुनावों में जीत के लिए बसपा मुसलमानों का समर्थन जरूरी मानती है। इसके तहत उसने अपनी रणनीति में बदलाव कर मुसलमानों को उन क्षेत्रों में टिकट देने का इरादा बनाया है, जहां के मतदाताओं की बड़ तादाद मुम्बई और वापी में रहती है। लिहाजा ऐसी कुछ सीटों पर वह अपने उम्मीदवार बदलने की तैयारी कर रही है।

उम्मीदवार बदलने का काम तो कछ दिन में होगा, जिने क्षेत्रों में मुस्लिम उम्मीदवार घोषित हैं और उनकी सीट के मतदाता मुम्बई और वापी में निवास करते हैं, उन्हें मुम्बाई में जनसम्पर्क और जनसभाओं के निर्देश दे दिये गये हैं।

इस मुहिम के तहत बसपा के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र के उम्मीदवारों ने उन दोनों शहरों के लिए अपने दौरे तय कर लिये हैं। उन्हें इस बात की भी हिदायत दी गई है कि वह मुम्बई में चुनावी चंदा नहीं मांगेगे। इससे पार्टी का छवि खराब होगी। वह अपने खर्च पर चुनावी कैम्पेन करेंगे।

सिद्धार्थनगर के नेताओं का दौरों का कार्यक्रम

बसपा की इस रणनीति के तहत मुस्लिम बाहुल्य सिद्धार्थनगर जिले के तीनों मुस्लिम प्रत्याशी मुम्बई फैटर पर काम कर रहे हैं। डुमरियागंज सीट की उम्मीदवार सैयदा मलिक एक सप्ताह मुम्बई और वापी (गुजरात)  का दौरा कर आई हैं। दोनों शहरों में उन्होंने एक दर्जन सभाएं की हैं। उनके पति जहीर मलिक का कहना है कि इस कार्यक्रम से उन्हें काफी फायदा हुआ है।

सैयदा के लौटते ही इटवा विधानसभा क्षेत्र के पार्टी उम्मीदवार अरशद खुर्शीद मुम्बई पहुंच गये हैं। मीन दिनों में उन्होंने 8 सभाएं की हैं। वह 9 नवम्बर तक वहां रह कर कम से कम 20 सभाएं करेंगे। उन्होंने बताया कि यह रणीनीति काफी करगर लग रही है।

जिले के शोहरतगढ़ क्षेत्र के बसपा उम्मीदवार जमील सिद्दीकी 9 तारीख को मुम्बई पहुचेंगे। दस से 14 तक वह मुम्ब्रा, कुर्ला, सायन, भिवंडी, धारावी आदि क्षेत्रों में 15 सभाएं करेंगे। 15 को ही वह गुजरात के वापी पहुंच जाएंगे और वहां सभाएं करेंगे।

बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के कम से कम 20 लाख लोग मुम्बई, वापी में रहते हैं। इनमें ढाई लाख सिद्धार्थनगर और साढ़े तीन लाख आजमगढ़ के हैं। इसके अलावा बलरामपुर, गोंडा, बहराइच व जौनपुर आदि जिलों के लोग रहते हैं। बात साफ हैं कि यूपी के चुनाव में मुम्बई के मतदाता बड़ा रोल निभाते हैं।

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