हाई कोर्ट ने माना जालसाज प्रिंसपल की बीएड डिग्री फर्जी, सेवा समाप्त, अब जेल की प्रक्रिया शुरू

August 1, 2025 12:04 PM0 commentsViews: 2845
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नेहरू इंटर कालेज में प्रधानाचार्य की अब तक सेवा हाईकोर्ट ने शून्य घोषित की

गिरफ्तारी के भय से प्रधानाचार्य फरार, डीआईओएस को लेना है एक्शन

 

नजीर मलिक

राकेश नाथ पांडेय, अब सेवा समाप्ति का दुख

सिद्धार्थनगर।  नेहरू इंटर कालेज के प्रधानाचार्य राकेश नाथ पांडेय की बीएड की डिग्री हाईकोर्ट ने फर्जी करार दे कर उनकी सेवा  समाप्त कर दी है। 28 जुलाई के अपने फैसले में न्यायालय ने माना है कि वादी की डिग्री उस कुलपति के नाम से जारी है जो उसके 10 साल बाद गोरखपुर यूनीवर्सिटी के उपकुलपति बने। यही नहीं, कोर्ट ने उनके प्रधानाचार्य व प्रवक्ता पद के सेवाकाल को भी शून्य कर दिया है। इस फैसले के बाद प्रधानाचार्य इंटर कालेज न जाकर अंतर्रध्यान हो गये हैं। इसके बाद उनके खिलाफ मुकदमा लिखने और उन्हें गिरफ्तार करने की प्रकिया की जायेगी, बशर्ते वह हाईकोर्ट की बड़ी बेंच से स्टेआर्डर  न ले आयें। कानून के विशेषज्ञों के अनुसार यह कठिन है। मामला डिग्री के फर्जी होने तथा अवैध सेवाकाल का है। इस वक्त यह प्रकरण जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

हाई कोर्ट ने 28 जुलाई 2025 को प्रधानाचार्य राकेश नाथ पांडेय की डिग्री को शून्य माना था। जिसके उपरांत उनकी सेवा स्वतः समाप्त हो गई थी। अब खबर है कि उक्त आदेश की प्रमाणित प्रतिलिप शुक्रवार को जिला विद्यालय निरीक्षक को दी जा रही है। जिसके बाद जिविनि. को कार्रवाई करनी है। मगर सूत्रों ने इस बात की आशका व्यक्त की है कि शायद राजनीतिक दबाव में आदेश के कम्प्लायंस में टाल  मटोल करने का प्रयास किया जाए। यदि आर्डर का कम्प्लायंस हो गया तो प्रधानाचार्य के विरुद्ध कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के साथ उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है।

बता दें कि लगभग दो दशक पूर्व राकेश नाथ पांडेय की नेहरू इंटर कालेज ककरहवा में प्रवक्ता पद पर नियुक्ति हुई थी। लेकिन हाईकोर्ट में उनकी डिग्री को फर्जी बताते हुए चुनौती दी गई। हाई कोर्ट ने उनके सेवाकाल को शून्य घोषित कर दिया।  परन्तु राकेश नाथ ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखने के अनुरोध पर फिर से सुनवाई हुई। इस दौरान राकेश नाथ ने प्रवक्ता पद से प्रधनाचार्य पद के लिए सेवा चयन बोर्ड में अप्लाई किया, इस दौरान राकेश नाथ पांडेय प्रधानाचार्य बन कर कृषक इंटर कलेज में तैनात हो गये और फिर  वहां से स्थानांतरण करा कर पुनः नेहरू इंटर कालेज ककरहवा में कार्यरत हो गये। उनके इस कृत्य को पुनः हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। हाईकोट ने तथ्यों के आधार पर उनकी डिग्री को फर्जी मानते हुए तथा अनके तथ्य को छुपा कर प्रधानाचार्य पद हासिल करने के विरुद्ध अंतिम रूप से उनका सेवाकाल समाप्त व पूर्व की सभी सेवाओं को शून्य घोषित करने का फैसला दिया।

बता दें कि प्रधानाचार्य राकेश नाथ पांडेय राजनीतिक प्रभाव के प्रयोग में बहुत सक्षम है। फिलहाल उनके आर्डर के कम्प्लायंस कराने के लिए प्रयास जारी है। इस बारे में कालेज के वरिष्ठ शिक्षक विद्या शंकर  कुशवाहा का कहना है कि यदि आदेश के कम्प्लायंय में हीलाहवाली हुई तो फिर हाईकोर्ट में अवमानना की यचिका दाखिल करनी पड़ेगीं, इसमें थोड़ा विलम्ब तो होगा, लेकिन दोषी किसी भी हालत में बच नहीं नहीं पायेंगे।

 

 

 

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