जानिए किस अनोखे तरीके से हो रही नेपाल से भारत में डीजल की तस्करी?

November 8, 2020 11:53 am0 commentsViews: 323
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नजीर मलिक


इसी प्रकार केे दो टंकियों वालेे ट्रक से की जा रही डीजल तस्करी

बढ़नी, सिद्धार्थनगर   भारत में पेट्रोलियम पदार्थों की बढ़ती कीमत के मद्दे नजर जस्करों ने डीजल की तस्करी में कदम उतार दिये हैं। वे एक अनोखी की टेक्निक के द्धारा नेपाल से भारत में डीजल की अवैध सप्लाई कर रहे हैं। बता दें कि नेपाल में डीजल भारत की अपेक्षा 20 रुपये लीटर सस्ता है। इसलिए आजकल यह धंधा खूब फल फूल रहा है।

कैसे होती है डीजल की तस्करी

बताया जाता है कि भारत से नेपाल जाने वाली ट्रकों में दो दो बड़ी टंकियां   लगा कर 400 से लेकर के 500 लीटर तक डीजल भर के नेपाल से भारत आता है। ट्रकों के  भारतीय क्षेत्रों में  पहुंचने पर उक्त डीजल बेच दिया जाता है। जानकारों का कहना है की पड़ोसी राष्ट्र नेपाल में डीजल की कीमत भारतीय मुद्रा में लगभग 52 रु. प्रति लीटर है। जबकि भारत में 1 लीटर डीजल की कीमत लगभग 72 रु.है इस प्रकार से यदि नेपाल से भारत में 1 लीटर डीजल पहुंचा दिया जाता है तो लगभग 20 प्रति लीटर का फायदा होता है

 बताया जाता है कि यहां के स्थानीय भारत से नेपाल को पूरा दिन लगभग सैकड़ों ट्रकें  आती जाती है। वे नेपाल में ट्रकों की टंकियों में डीजल भरवा लेती हैं। इनमें तमाम ऐसी होती हैं जिनमें दो-दो टंकी होती हैं, जिनमें डीजल भर कर उस , पार से इस पार  लेकर चली आती हैं। अगर देखा जाए तो  डीजल के इस  गोरखधंधे से केवल बढ़नी बॉर्डर से ही केंद्र और प्रदेश की सरकारों को लगभग कई लाख रुपये प्रति दिन का चूना लगता है।

इसके अलावा बलरामपुर, महाराजगंज, बहराइच आदि निकटवर्ती जिलों से भी इसी प्रकार की खबरें आ रही हैं। ऐसे में गौर करने की बात है कि पूरी भारत़-नेपाल सीमा पर क्या होता होगा। एक जानकार का कहना है कि एक अनुमान के अनुसार इस विधि से प्रतिदिन करोड़ों रुपये तस्कर कमाते हैं और सुरक्षा एजेंंसियां कुछ नहीं करतीं। स्थानीय पुलिस का भी इस ओर ध्यान न जाना भी अस्वाभाविक ही लगता है।

 क्यों महंगे हैं भारत में डीजल और पेट्रोल?

भारत में जो डीजल मूल्य  निर्धारित किया गया उसकी कीमत में से आधे से ज्यादा पैसा कंपनियों के पास नहीं जा कर  टैक्स के रूप में केंद्र और राज्य सरकार के पास जाता है। आईओसीएल की वेबसाइट से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल का बेस प्राइस यानी एक्स फैक्ट्री कीमत 26.10 रुपये है, जिसमें अगर फ्रेट (ढुलाई खर्च) जैसे खर्च जोड़ दिए जाएं, तो यह 26.46 रुपये हो जाता है। यानी टैक्स के बिना डीलर्स को पेट्रोल 26.46 रुपये का पड़ रहा है।

अब बात करते हैं टैक्स की। इसमें एक्साइज ड्यूटी के रूप में 32.98 रुपये, डीलर कमीशन 3.70 रुपये और राज्य सरकार का वैट 18.94 रुपये जुड़ता है। इन खर्चों के बाद कुल मिलाकर पेट्रोल की कीमत 82.08 रुपये हुई।  इसी प्रकार से डीजल के संबंध में भी बताया जाता है कि उपरोक्त खर्चों को मिला कर  जो मूल्य निर्धारित होता है उसी पर डीजल लगभग 72 प्रति लीटर के हिसाब से बिकता है।

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