बड़ा झटकाः पूर्व मंत्री अमरमणि से खाली कराया जबरन कब्जे वाला मकान
प्रचंड सिंह गहरवार
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे तथा कवियत्री मधुमिता की हत्या के मामले में आजीवन कारावास झेल रहे अमरमणि त्रिपाठी के कब्जे से आज एक मकान खाली कराया गया। पूर्व मंत्री ने महराजगंज के इस भवन में अपना कार्यालय बना रखा था। अमरमणि १९९६ में कांग्रेस के टिकट पर सिद्धार्थनगर से चुनाव भी लड़ चुके हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद आज महाराजगंज के जिला प्रशासन ने महावीर प्रसाद कामलिया के सोनौली टाउन स्थित मकान को पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी से खाली करा लिया। इसके बाद मकान मालिक को कब्जा दिला दिया। करीब बीस वर्ष पहले पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी ने ने व्यापारी कामलिया से किराये पर भवन लिया था। कुछ माह तक तो वह किराया देते रहेए लेकिन उसके बाद उन्होंने मकान पर कब्जा कर लिया।
इस पर मकान स्वामी ने हाईकोर्ट की शरण ली। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साक्ष्य के आधार पर फैसला कामलिया के हक में दिया। इस आदेश के क्रम में बीते वर्ष कोर्ट के आदेश के अनुपालन में जिलापूर्ति अधिकारी ने कमरे को सील कर दिया था। मगर मकान स्वामी को पूर्ण कब्जा नहीं दिला सके। इसके बाद कोर्ट ने जिला प्रशासन को कब्जा दिलाने का आदेश दिया। आज 11 बजे मौके पर पहुंचे डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने कामलिया के प्रतिनिधि साजिद को कब्जा दिलाया।
बताते चलें कि अमरमणि अपनी कथित प्रेमिका और हिंदूवादी कवियित्री मधुमिता की हत्या के केस में अपनी पत्नी मधु समेत जेल में सजा काट रहे हैं। जेल में रहने के बाद भी वह अखबारों की सुर्खियों में लगाताार बने रहते है। फिलहाल उनक जेल जाने के बाद उनके बेटे अमन मणि त्रिपाठी वहां उनकी जगह लेने के लिए मेहनत कर रहे हैं।





