पद्मश्री बाबा योगेन्द्र जी के जन्म शताब्दी अवसर पर आयोजित किया गया स्मृति कार्यक्रम

January 7, 2023 10:41 PM0 commentsViews: 89
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शहर के हनुमानगढ़ी मन्दिर पर आयोजित किया गया कार्यक्रम, बाबा जी के चित्र का माल्यार्पण, पुष्प अर्पित कर किया गया याद

अजीत सिंह

सिद्धार्थनगर। पद्मश्री बाबा योगेन्द्र जी के जन्म शताब्दी अवसर पर संस्कार भारती द्वारा स्मृति कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में  प्रान्त उपाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह ने कहा कि ‘संस्कार भारती’ के संस्थापक बाबा योगेन्द्र जी ऐसे कलाकार थे, जिन्होंने हजारों कला साधकों को एक माला में पिरोने का कठिन काम कर दिखाया था, 07 जनवरी, 1924 को बस्ती, उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध वकील बाबू विजय बहादुर श्रीवास्तव के घर जन्मे योगेन्द्र जी के सिर से दो वर्ष की अवस्था में ही माँ का साया उठ गया। फिर उन्हें पड़ोस के एक परिवार में बेच दिया गया। इसके पीछे यह मान्यता थी कि इससे बच्चा दीर्घायु होगा। उस पड़ोसी माँ ने ही अगले दस साल तक उन्हें पाला।

संरक्षक डॉ. अरुण कुमार प्रजापति ने बताया कि वकील साहब कांग्रेस और आर्य समाज से जुड़े थे। जब मोहल्ले में संघ की शाखा लगने लगी तो उन्होंने योगेन्द्र को भी वहाँ जाने के लिए कहा। छात्र जीवन में उनका सम्पर्क गोरखपुर में संघ के प्रचारक नानाजी देशमुख से हुआ। योगेन्द्र जी यद्यपि सायं शाखा में जाते थे, पर नानाजी प्रतिदिन प्रातः उन्हें जगाने आते थे, जिससे वे पढ़ सकें।

पूर्वा ब्लाक प्रमुख श्रीमती संजू सिंह पत्नी राजू सिंह ने उनके बारे में बताया कि एक बार तो तेज बुखार की स्थिति में नानाजी उन्हें कन्धे पर लादकर डेढ़ किमी पैदल चलकर पडरौना गये और उनका इलाज कराया। इसका प्रभाव योगेन्द्र जी पर इतना पड़ा कि उन्होंने शिक्षा पूर्ण कर स्वयं को संघ कार्य के लिए ही समर्पित करने का निश्चय कर लिया।

संरक्षक शम्भू गुप्ता ने बताया कि योगेन्द्र जी ने 1942 में लखनऊ में प्रथम वर्ष ‘संघ शिक्षा वर्ग’ का प्रशिक्षण लिया। 1945 में वे प्रचारक बने और गोरखपुर, प्रयाग, बरेली, बदायूँ, सीतापुर आदि स्थानों पर संघ कार्य किया, पर उनके मन में एक गुप्त कलाकार सदा मचलता रहता था। देश-विभाजन के समय उन्होंने एक प्रदर्शिनी बनायी। जिसने भी इसे देखा, वह अपनी आँखें पोेंछने को मजबूर हो गया।

फिर तो ऐसी प्रदर्शिनियों का सिलसिला चल पड़ा। शिवाजी, धर्म गंगा, जनता की पुकार, जलता कश्मीर, संकट में गोमाता, 1857 के स्वाधीनता संग्राम की अमर गाथा, विदेशी षड्यन्त्र, माँ की पुकार आदि ने संवेदनशील मनों को झकझोर दिया। ‘भारत की विश्व को देन’ नामक प्रदर्शिनी को विदेशों में भी प्रशंसा मिली।

इस कार्यक्रम में पूर्व ब्लाक प्रमुख नौगढ़ (सदर) श्रीमती संजू सिंह पत्नी राजू सिंह के आलावा जिला अध्यक्ष पवन कुमार जायसवाल, महामंत्री डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी, सदस्य सिद्धार्थ गौतम, आदि लोगों की उपस्थिति रही।

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