स्पीकर के विधानसभा क्षेत्र में गेहूं खरीद के नाम पर शासन को धोखा दे रहे अफसर,

May 1, 2016 3:46 PM0 commentsViews: 271
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हमीद खान

समिति में खरीद के लिए टांगा गया बैनर, जिसमें 9 अंक का मोबाइल नम्बर दर्ज है और सरसों के डंठल से पटी सहकारी समिति भिलौरी

समिति में खरीद के लिए टांगा गया बैनर, जिसमें 9 अंक का मोबाइल नम्बर दर्ज है और सरसों के डंठल से पटी सहकारी समिति भिलौरी

इटवा, सिद्धार्थनगर। सूबे में मुख्यमंत्री के बाद सबसे आला सियासतदान यानी विधानसभा अघ्यक्ष के विधानसभा में जब अफसर गेहूं खरीद के नाम पर फर्जीवाड़ा करद सकते हैं तो पूरे जिले का हाल क्या होगा, इसे समझा जा सकता है। इसी फर्जीवाड़े के चलते किसान प्राइवेट दुकानों पर अपना गेहू औने पौने दामो पर बेचने को मजबूर है।

स्पीकर की सीट होने के कारण इटवा क्षेत्र प्रदेश के बीआईपी क्षेत्रों में शुमार है। बावजूद यहां किसानो का सुनने वाला नहीं है। कहने को क्षेत्र के सभी सरकारी क्रय केन्द्रो पर तौल हो रही है। लेकिन क्षेत्र के किसान राम शबद मौर्य, रबिप्रताप , दिलीप कुमार, बबलू, आदि का कहना है कि सरकारी क्रयकेन्द्र महज कागजी कोरम में संचालित है।

कैसे धोखा दे रहा स्पीकर को गेहूं खरीद अफसर

क्षेत्र के ग्राम भिलौरा-भिलौरी स्थित साधन सहकारी समिति पर किसानों के गेहूं खरीद के लिये मात्र बोर्ड लगाया गया है। बोर्ड के साथ एक बैनर लगाया गया है।  (देखें दोनों फोटो, जिसमें सब कुछ स्पष्ट है।)

सच्चाई यह है कि साधन सरकारी समिति पर ताला लटका है। बरामदे में सरसों के डंठल रखे हुए हैं। वहां अक्सर जानवर बैठते रहते हैं। सवाल है कि बंद सासइटी में गेहूं खरीद कहां हो रही है? यही नहीं अगर खरीद हो रही है तो कांटा कहां लगाया गया है?

बैनर पर गलत फोन नम्बर लिख कर दे रहे धोखा
इसी समिति पर खरीद का एक बैनर टांगा गया है। जयात के लिए खरीद अफसर से सम्पर्क करने के लिए मोबाइल नम्बर भी दर्ज है।

आपको जानकर ताज्जुब होगा कि वह नम्बर नौ अंक का है। जिस पर बात नहीं हो सकती। जानकार बताते है कि जानबूझ कर ऐसा नम्बर डाला गया है, ताकि किसान खरीद के लिए दबाव न बना सकें।

इस साधन सहकारी समिति पर ताले लटक किसानों का कहना है कि यदि भूलवश एक अंक छूट गया है तो प्रथम अप्रैल से आज तक किसी जिम्मेदार की इस पर नजर क्यों नहीं पडी?

जानकार बताते हैं कि धन और बोरा के अभाव में साधन सहकारी समितियां संचालित नहीं हो पा रही हैं। भाकियू के तहसील प्रभारी राकेश कुमार श्रीवास्तव तथा किसान कृष्ण लाल यादव राम मिलन यादव राम पूजन यादव आदि कहते हैं कि जब किसान अपना गरज चलाने के लिये गेंहू बिचौलियों के हाथ बेंच चुका होगा तब यह समितियां गेहूं खरीद शुरू करेंगी।

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