पड़तालः महिला सहकर्मी से छेड़छाड़ में डाक्टर हुए निलम्बित, मगर हकीकत क्या है?

November 6, 2020 1:39 pm0 commentsViews: 960
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पड़तालः महिला सहकर्मी से छेड़छाड़ में डाक्टर हुए निलम्बित, मगर हकीकत क्या है?

नजीर मलिक

सिद्धार्थनगर। महिला पशुधन प्रसार अधिकारी से अभद्र व्यवहार करने के मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर विभाग के प्रमुख सचिव के आदेश पर आरोपी पशु चिकित्साधिकारी नौगढ़ को निलंबित कर दिया गया है । इस निलम्बन से खलबली मची हुई है। लेकिन विभाग के काफी लोगों की नजर में यह एक साजिश है। तो आइये जानते हैं कि इस प्रकरण की सच्चाई क्या है?

बता दें कि जिले के एक पशु अस्पताल पर तैनात महिला पशुधन प्रसार अधिकारी ने नौगढ़ पशु चिकित्सालय के चिकित्साधिकारी सीएल पटेल पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए राज्य महिला आयोग और स्थानीय स्तर पर शिकायत की थी। इस मामले में राज्य महिला आयोग के निर्देश पर सीओ शोहरतगढ़ जांच कर रहे थे। जबकि डीएम के निर्देशन में तीन सदस्यीय टीम मामले की जांच कर रही थी।

टीम की ओर से दी गई रिपोर्ट को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने शासन को भेजा था। इस मामले में पशु पालन विभाग के प्रमुख सचिव ने चिकित्सक पर कार्रवाई का आदेश दिया था। शासन पर पत्र आने के बाद मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ज्ञान प्रकाश ने  डांक्टर सी. एल. पटेल को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश पर डॉ. सीएल पटेल को निलंबित कर दिया गया है।

अब सवाल उठता है कि डा. सीएल पटेल ने महिला पशुधन अधिकारी से ऐसी कौन सी अभ्रदता की थी,जिसके कारण उन्हें सस्पेंड किया गया। सूत्र बताते हैं कि महिला ने डा. सीएल पटेल पर जो आरोप लगाये थे, वे अमर्यादित आचरण की श्रेणी में आते हैं, मगर इसे आरोप को गलत कहने वालों की दलील है कि डा. सी.एल. पटेल अच्छे चरित्र के हैं। बात सिर्फ इतनी थी कि महिला डयूटी नहीं करना चाहती थी, जबकि डाक्टर पटेल उससे डयूटी लेते थे। इसी वजह से वह महिला उनसे नाराज थी रहती थी। बताते हैं कि डाक्टर पटेल ने एक दिन उस सहकर्मी से मजाक में इतना कहा था कि कभी दावत लेकर घर बुलाइये। बस इतने में ही तूफान खड़ा हो गया।

लोगों का कहना है सहकर्मियों में इतना हंसी मजाक तो चलता ही है। मगर इस बात का बतंगड़ बना दिया गया। अगर महिला इतनी छूई मुई है तो उसे पुरूषों के साथ सरकारी नौकरी करने से बचना चाहिए। एक कर्मी ने तो पुराना वाकया बताते हुए कहा कि इसी जिले में एक कृषि अधिकारी को एक महिला कर्मी ने गलत बयानी कर जेल जाने पर मजबूर कर दिया जो बात में गलत साबित हुआ। उन्होंने कहा कि अब तो महिलाओं के साथ काम करने में भी डर लगता है। लोगों ने प्रकरण की खुफिया जांच कराने की मांग की है।

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