पूर्वांचल साहित्य महोत्सव 4 फरवरी को डुमरियागंज में होगा

December 13, 2017 1:12 pm0 commentsViews: 428
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जी.एच. कादिर

सिद्धार्थनगर। पूर्वी उत्तर प्रदेश की भूमि मुंशी प्रेमचंद, आचार्य रामचंद्र शुक्ल, रघुपति सहाय उर्फ फ़िराक़ गोरखपुरी, हरिवंशराय बच्चन, अतहर अली उर्फ कैफ़ी आज़मी, अकबर इलाहाबादी और बेकल उत्साही जैसे अनेकों नामचीन साहित्यकारों की जन्म एवं कर्म स्थली रही है। साहित्य की दुनिया में पूर्वांचल के साहित्यकारों, लेखकों एवं बुद्धजीवियों का बेहद अहम रोल रहा है इसी के महत्व और गौरवशाली इतिहास को देखते हुए एक दिवसीय ‘पूर्वांचल साहित्य महोत्सव’ के प्रथम संस्करण का आयोजन दिनांक 4 फरवरी को सिद्धार्थनगर जनपद के डुमरियागंज में किया जा रहा है। जिसमे बस्ती मण्डल सहित देश-प्रदेश के कई नामचीन साहित्यकारों, लेखकों, पत्रकारों, बुद्धजीवीयों एवं समाजसेवीयों का आगमन होगा।

महोत्सव में ‘अपनी माटी अपना मंच’ स्लोगन के माध्यम से देशी साहित्यकारों एवं लेखकों को वरीयता दी जायेगी। महोत्सव में साहित्य चर्चा, पुस्तक चर्चा, पुस्तक विमोचन, पुस्तक मेला, सम्मान समारोह, कला प्रदर्शनी के साथ साथ रंगारंग संस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इस ऐतिहासिक ज़मीन पर देश के ज्वलंत मुद्दों पर समाज को नई दिशा देने वाले बुद्धजीवी वर्ग के लोगो की क्या राय है उससे यहाँ की प्रबुद्ध जनता रूबरू होगी।

महोत्सव के डुमरियागंज में आयोजन का उद्देश्य डुमरियागंज मुख्यालय सहित आसपास के ऐतिहासिक स्थलों व धरोहरों को बुद्धजीवियों, साहित्यकारों, लेखकों, इतिहासकारों एवं पत्रकारों के सामने लाना है। महोत्सव का आयोजन प्रत्येक वर्ष फरवरी माह में होगा जिसमें यहां की युवा पीढ़ी को आने वाले साहित्यकारों से बहुत कुछ सीखने का अवसर भी मिलेगा।

सिद्धार्थनगर जैसे अति पिछड़े जनपद में इस तरह के महोत्सव से स्थानीय साहित्यकारों को उनकी रचनाओं, पुस्तकों एवं कला के अवलोकन के लिए एक अपना मंच मिलेगा। महोत्सव में आने वाले साहित्य प्रेमियों को एक समृद्ध साहित्यिक, सामाजिक, बौद्धिक और सांस्कृतिक अनुभव मिलेगा जिससे कुपोषित प्रतिभा को बल मिलेगा। यह महोत्सव अपनी भव्यता और अनुशासन के कारण निश्चित रूप से ऐतिहासिक होगा। साहित्य में अभिरुचि रखने वाले लोगों व क्षेत्रीय प्रबुद्धजनों की भागीदारी अपेक्षित एवं प्रार्थनीय रहेगी। पूर्ण विश्वास है कि क्षेत्रीयजनों के मिल रहे अपार समर्थन से यह महोत्सव बेहद सफल रहेगा और साहित्य के क्षेत्र में एक नई पटकथा लिखेगा।

 

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