पैदा होने वाले कमजोर बच्चों को स्वास्थ करने के लिए हर प्राथमिक सवास्थ्य केंद्र हुए एनबीएसयू से लैश

August 20, 2022 6:12 PM0 commentsViews: 194
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अजीत सिंह

सिद्धार्थनगर। अब जनपद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पैदा हुए कमजोर नवजात शिशुओं को जिला अस्पताल नहीं ले जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बनी न्यूबर्न स्टेब लाइजेशन यूनिट (एनबीएसयू) में रखकर उपचारित किया जाएगा। जनपद की सभी सीएचसी पर एनबीएसयू खुलेंगी।

इसके लिए शनिवार को जिले की सभी सीएचसी के कंप्यूटर ऑपरेटर समेत दो स्वास्थ्य केंद्रों के स्टाफ नर्स, नर्स मेंटर को प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि किस प्रकार से इस यूनिट में नवजात की देखभाल व उपचार करना है। प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ अपर मुख्य चिकित्साधिकारी आरसीएच डॉ. उजैर अतहर ने किया। ट्रेनिंग में प्रशिक्षकों ने बताया यूनिट के नये पोर्टल पर किस प्रकार कार्य करना है। कौन से नवजात को इस यूनिट में भर्ती कराना है। कैसे उनका उपचार कर उनको स्वस्थ करना है। नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करने आदि के बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी।

यूनिसेफ की ओर से बस्ती मंडल के मंडलीय स्वास्थ्य समन्वयक सुरेंद्र कुमार शुक्ला ने बताया बच्चों की मृत्यु दर को कम करने के लिये सभी जिलों की सीएचसी पर अब न्यूबोर्न स्टेबलाइजर यूनिट की स्थापना की जा रही है। इस यूनिट मे ऐसे नवजात को रखा जाएगा, जिनका वजन पैदा होने पर दो किलोग्राम से 2.5 किलोग्राम तक है। दो किलोग्राम से कम वजन के बच्चों को मदर न्यू बोर्न केयर यूनिट, एमएनसीयू में रखा जाता है। अभी जिले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र उस्का बाजार और बेंवा में संचालित है।

उन्होंने कहा मकसद एक है। हर हाल में नवजात शिशु मृत्यु दर को कम करना। पहले कम कमजोर नवजात शिशु को जिला अस्पताल में भर्ती कराया जाता था। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक राजेश शर्मा, वरिष्ठ परामर्शदाता प्रमोद संत, यूनीसेफ के मंडलीय स्वास्थ्य समन्वयक सुरेंद्र कुमार शुक्ला, डीसीपीएम मान बहादुर समेत संतोष श्रीवास्तव, रवि प्रकाश पाठक, विक्रम सिंह, आवेश श्रीवास्तव, शत्रुघ्न यादव, सुनील शर्मा, सतीश श्रीवास्तव, विजय कीर्ति चंदन, दिनेश श्रीवास्तव, गोपाल मोदनवाल, अब्दुल कयूम, हरीश यादव, राजेश सिंह, विनय श्रीवास्तव, मौजूद रहे।

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