रेलवे द्वारा मनमाने ढंग से बढ़ाया गया किराया, सिद्धार्थनगर में दुकानदारों की आपात बैठक आयोजित

September 16, 2026 10:08 PM0 commentsViews: 350
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  • 1631 रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 1.61 लाख रुपये की भारी भरकम मांग पर दुकानदारों में आक्रोश

  • सांसद जगदम्बिका पाल के माध्यम से रेल मंत्री तक बात पहुंचाने का मिला आश्वासन

 

अजीत सिंह 

सिद्धार्थनगर। मुख्यालय सिद्धार्थनगर स्थित रेलवे की जमीन पर आवंटित दुकानों के किरायेदारों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष  एस.पी. अग्रवाल के आवास पर संपन्न हुई। इस बैठक में रेलवे प्रशासन द्वारा मनमाने ढंग से अत्यधिक किराया बढ़ाए जाने के निर्णय पर गहरा असंतोष व्यक्त किया गया।

​बैठक में दुकानदारों ने बताया कि पूर्व वर्षों में आवंटित दुकानों का किराया मात्र 1631 रुपये प्रति वर्ष जमा हुआ करता था। गत वर्ष 2025 में जब किरायेदार अपना वार्षिक किराया जमा करने गए, तो रेलवे कर्मचारियों द्वारा यह कहकर टाल दिया गया कि “ऊपर से आदेश नहीं आया है।” इस बीच रेलवे द्वारा किराया वृद्धि की नोटिस दी गई थी, जिस पर दुकानदारों की आपत्ति के बाद मामला आश्वासन देकर शांत करा दिया गया था।

​लेकिन गत 15 सितंबर 2026 को अचानक रेलवे प्रशासन ने दुकानदारों को पिछले व वर्तमान सत्र का एकमुश्त किराया, भारी विलंब शुल्क और जीएसटी सहित कुल 1,61,494 रुपये जमा करने का नोटिस थमा दिया। 10 गुना से भी अधिक की इस बेतहाशा बढ़ोतरी और नोटिस से छोटे दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पीड़ितों का कहना है कि जीवन-यापन के लिए छोटी दुकानें चलाने वाले गरीब व्यापारी इतनी बड़ी राशि का भुगतान करने में असमर्थ हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एस.पी. अग्रवाल ने दुकानदारों को ढांढस बंधाया और कहा, “आप सभी संगठित रहें और एकजुट होकर अपनी बात रखें। मैं आप सभी की इस गंभीर समस्या को स्थानीय सांसद श्री जगदम्बिका पाल के माध्यम से रेलवे के उच्च अधिकारियों और माननीय रेल मंत्री तक पहुंचाकर समाधान कराने का पूरा प्रयास करूंगा।”

सामूहिक रूप से उपस्थित व हस्ताक्षरित किरायेदार:

बैठक में रवि मोदनवाल, मोहम्मद वसीम, अभिषेक अग्रहरि, अंकित गौड़, वी. कुमार मौर्य, जुबेर अहमद, अजहरुद्दीन, बलिराम, दीपक, इश्तियाक अहमद, इरशाद अली, अश्विनी, एस. मौर्य सहित बड़ी संख्या में पीड़ित दुकानदार मौजूद रहे।

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