अवयस्क लड़की से दुष्कर्म करने के अपराधी को 20 साल का कठोर कारावास

November 8, 2025 6:45 AM0 commentsViews: 148
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अजीत सिंह 

सिद्धार्थनगर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट बीरेन्द्र कुमार की अदालत ने नाबालिक लड़की से दुष्कर्म करने के अपराध में अभियुक्त लवकुश को दोषी करार देते हुए उसको बीस साल कठोर कारावास की सजा सुनाया और उसके ऊपर 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। वह ढेबरूआ थाना क्षेत्र के तुलसियापुर गांव का रहने वाला है।

घटना चिल्हिया थाना क्षेत्र के एक गांव की है जो 10 अगस्त 2021 को घटित हुई थी। अभियोजन कथानक के अनुसार पीड़िता अवयस्क लड़की के पिता ने चिल्हिया थाने की पुलिस को लिखित तहरीर देते हुए कहा कि उसकी 16 वर्षीय लड़की 10 अगस्त 2021 को रात करीब 11 बजे घर से चली गई। उसने अपनी लड़की को नाते-रिश्तेदारी में काफी तलाश किया, किन्तु नहीं मिली। उसे पता चला कि लवकुश पुत्र गया निवासी तुलसियापुर थाना ढेबरुआ जिला सिद्धार्थनगर ने लड़की को बहला फुसलाकर भगा ले गया है।

पुलिस ने अभियुक्त के खिलाफ नाबालिक लड़की के अपहरण व पॉक्सो एक्ट के अपराध में केस दर्ज कर विवेचना शुरू किया और लड़की को बरामद करते हुए अभियुक्त को गिरफ्तार किया। इसके बाद लड़की का चिकित्सकीय परीक्षण व बयान न्यायालय में दर्ज हुआ। अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष पेश करने पर न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया। इसके बाद पत्रावली का सम्यक परिशीलन करते हुए न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों यथा गवाहों की गवाही, जिरह, चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट, आयु प्रमाण, केस डायरी, मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए अभियुक्त को अपराधों का दोषी करार दिया।

इसके बाद दण्ड के विषय पर सुनवाई करते हुए उसे बीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाते हुए उस पर 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया जिसे अदा ना करने की दशा में उसको एक साल के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। न्यायालय ने आदेशित किया कि प्रतिकर की धनराशि का 90 फीसदी पीड़िता को बतौर क्षतिपूर्ति प्रदान किया जाए इसके साथ ही राहत एवं पुनर्वास के तहत पीड़िता राज्य सरकार से भी अधिकतम क्षतिपूर्ति पाने की अधिकारिणी है। पीड़ित पक्ष की पैरवी राज्य सरकार की तरफ से नियुक्त विशेष लोक अभियोजक पवन कुमार कर पाठक ने किया।

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