खुदकशी और कत्ल के बीच उलझ कर रह गई है बीस साल की रूमा की मौत

December 20, 2020 1:03 pm0 commentsViews: 791
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— बलरामपुर जिले के गौरा थाना क्षेत्र में मायका था रूमा का 

नजीर मलिक

i,net photo

डुमरियागंज, सिद्धार्थनगर। भवानीगंज थाना क्षेत्र के तेनुहार गांव में गत दिवस एक विवाहिता की संदिग्ध हालात में मौत की खबर है। ससुराली जन उसकी मौत को आत्म हत्या करार दे रहे हैं, वहीं मायका पक्ष ने उसे कत्ल करार देकर ससुरालियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है। मृतका रूमा मौर्य 20 साल की थी। उसके पिता राधेश्याम मौर्य बलरामपुरजिले के गौरा थानान्तर्गत रजवापु१र गांव के रहने वाले हैं।

खबर के मुताबिक घटना के दो पहलू हैं।  रूमा के पति अवधराम मौर्य और ससुर सुखई मार्य सहित ससुराल पक्ष के अन्य लोगों का दावा है कि जब देर शाम घर के ले काम काज कर घर लौटे तो देखा रूमा का कमरा अंदर से बंद है। आवाज लगाने पर रूमा ने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर रूमा का शव छत के कुंडे से फंदे से लटका हुआ था। परिजनों ने लाश को नीचे उतारा। इसके बाद पुलिस के साथ मायके वालों को सूचना दी गई। मगर रूमा को क्या कष्ट था, जिसके जलते उसने जान दे दी? ससुराली इस विषय में कुठ स्पष्ट नहीं कर सके। बस इसी बिंदु पर ससुराली शंकित हैं।

दूसरी तरफ पिता की सूचना पर पहुंचे लड़की के पिता राधेश्याम मौर्य ने आरोप लगायाकि उनकी बूटी को दहेज के लिए मारा गया है। उन्होंने भवानीगंज पुलिस को तहरीर देकर अवधराम तथा सुखई मौर्य पर दहेज के लिए प्रताडि़त कर मार डालने का आरोप लगाते हुए शिकायती पत्र दिया। थानाध्यक्ष भवानीगंज रवींद्र कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। मृतका के पति व ससुर के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

सच्चाई समझने के लिए—

अब सवाल है कि सच क्या है?  इसे जानने के लिए कुछ बातों को समझना जरूरी है। अगर रूमा ने आत्महत्या की, तो मुख्य सवाल यह है कि वह कौन से कारण थे कि एक सम्पन्न परिवार की बेटी/बहू को शादी के 6 महीने बाद ही खुदकशी करने पर मजबूर होना पडा?जब तक इस सवाल का जवाब नहीं मिलेगा, ससुराली हत्या के आराप से बरी नहीं हो सकते।

इसके अलावा  आम तौर पर दहेजहत्या के फर्जी मामलों में मायका पक्ष पति पक्ष में पूरे परिवार को मुलजिम बना देता है, मगर रूमा केपिता ने केवल पति और ससुर को ही मुलजिम बनाया है, अन्य किसी परिजन को नहीं। इससे साफ है कि मायका पक्ष किसी ससुुराली को गलत तरीके सेे नहीं फंसाना चाहता। इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच जरूरी हो गई है, ताकि न मुुजरिम छूूट सकेे, न बेेगुुनाह जेेल जा सकेे।।

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