एक और बांध टूटा, 400 गांव की 2.5 लाख आबादी प्रभावित, चाैतरफा हाहाकर

October 14, 2022 11:41 AM0 commentsViews: 931
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250  गाांवों में जल प्रलय की हालत, प्रशासन ने 128 को मैरूंड घोषित किया,  लेखपाल गांवों से लापता, राहत और बचाव की मांग

 

अजीत सिंह

सिद्धार्थनगर। सैलाब के निरंतर खतरनाक होते जाने से गुरुवार की शाम लखनापाऱ़-बैदौला बांध भी टूट गया।  जिससे लगभग 100 सौ गांवों में भारी तबाही मचने की खबर है।  पिछले 24 घंटों में नदियों के तीन तटबंध टूट चके हैं।  जिससे जिले में भारी तबाही मची है। हालांकि प्रशासन ने पानी से घिरे गांवों की तादाद  128 तथा सैलाब प्रभावित गांवों की संख्या 300 बतााई है। लेकिन ग्रामीणों के फीेडबैक के अनुसार मैरूंउ गांवों की  तादाद दौ  सौ तथा बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या चार सौ से कम नहीं है। एस त्रासदी से जिले की लगभग डाई लाख आबादी बुरी तरह प्रभावित है। तथा लगभग 70 हजार हेक्टेयर फसलों के क्षति ग्रस्त होने का अनुमान है। हालांकि प्रशासन की ओर से केवल 25 हजार हेक्टेयर ही कहा गया है। मगर  लेखपालों द्धारा मौके पर न होने से  यह आंकड़ा पूरा नहीं माना जा रहा है।
बुधवार की रात बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे के दो बांध टूटने से 300 गांव जलमग्न हुए ही थे कि वृहस्तिवार को शाम साढ़े 7 बजे शोहरतगढ़ तहसील के लखनापार बैदौला बांध भी ग्राम नकाही के पास टूट गया।  सिकी चपेट में आने से बभनी, भेप्सी, सिरसिया, डबरा, आदि करीब 50 गांव जलमग्न हो गए। नौगढ़ तहसील के 27 गांव मैरुण्ड, बांसी के 47 गांव विशेष प्रभावित और 14 मैरुण्ड, डुमरियागंज के 100 प्रभावित व 55 मरुण्ड, इटवा के 73 प्रभावित व 36 मैरुण्ड, शोहरतगढ़ के 35 गांव प्रभावित व 16 गांव मैरुण्ड हो चुके हैं।

डुमरियागंज कस्बे में पानी घुसा

राप्ती नदी कस्बे के किनारे बसे तहसील मुख्यालय डुमरियरगंज जो एक भरा पूरा कस्ब है,  में कल पानी प्रवेश करने लगाा। रोडवेज से उत्तर के इलाकों में पानी भरने लगाा। लोग घरों से बाहर निकल आये। इसके अलावा ग्राम सोनखर, बिथरिया, भरवठिया, मछिया, पेडारी, सोनखर, नेबुआ, रमवापुर, बुढियाटायर, तेतरी, बेतनार, कोहलवा आदि लगभग 150 गांवो की हालत खराब है इनमें मुख्यत: डुमरियागंज एवं भनवापुर ब्लाक के गांव शामिल है। भयानक सैलाब के मद्देनजर क्षेत्रीय विधायक सैयदा खातून ने ट्रैक्टर पर बैठ कर दौरा किया और हालात की जानकारी लेते हुए राहत बचााव का आश्वासन दिया।
ज्ञात रहे कि एक सप्ताह से जिले में नदियों ने तबाही का तांडव मचा रखा है। जाँच परख के लिए पहले जलमंत्री आये दूसरे दिन मुख्यमंत्री भी हवाई दौरा किया। अब तक फिलहाल तीन तटबंध टूट चुक हैं। बांध टूटने से उसके जद में आये गाँवो में भगदड़ मच गई है। दर्जनों मकान जमींदोज होकर बाढ़ मे बह चुके हैं। चारो तरफ हाहाकार मच गया है। लोग जान बचाने के लिए घर छोड़कर भाग गये। ग्रामीण बच्चों महिलाओ के साथ बांधों पर शरण लिए हुए हैं। घर के सामान बाढ़ में समाहित हो चुके है। इनके पास खाने के लिए भी कुछ नहीं है। बाढ़ पीड़ितो का कहना है प्रशासन की नाकामी की सजा काट रहे हैं।
जिलाधिकारी संजीव रंजन लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित गाँवो में लोगों की सुरक्षा एवं बचाव के लिए 148 नांव और 30 मोटरबोट लगाए गये हैं। बाढ़ पीड़ितों में राहत समग्री बाँटने के निर्देश दिये गये है।

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