बालक का सर्वांगीण विकास ही विद्याभारती का उद्देश्य- बालकृष्ण

January 8, 2017 4:34 PM0 commentsViews: 621
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अजीत सिंह

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बालक का सर्वांगीण विकास करना ही विद्याभारती का उद्देश्य है। विद्यार्थी का उत्थान आचार्य, अभिभावक तथा विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों से होता है। विद्यार्थी घर पर क्या करता है और विद्यालय में क्या करता है इस पर विचार करने की आवश्यक्ता है।

उक्त बातें रघुबर प्रसाद जायसवाल सरस्वती शिशु मन्दिर इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य बालकृष्ण सिंह ने कही। वह विद्यालय में आयोजित आचार्य और अभिभावक के विचारों का आदान-प्रदान गोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास के लिये अभिभावक को समय निकालना पडे़गा, नही तो बच्चों में विकास होना सम्भव नही है।

विद्यालय के निदेशक ब्रजकिशार मणि त्रिपाठी ने कहा कि बालक के विकास में आरही कठिनाइयों का निराकरण करने के लिये विद्यालय और अभिभावक के बीच गोष्ठी का कार्यक्रम होना बहुत जरुरी है। यदि अभिभावक और विद्यालय परिवार के लोग बार-बार आपस में मिलते रहें तो बच्चे में विकार हो ही नहीं सकता।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अभिभावक गोमती यादव ने की। इस मौके पर इंद्रकुमार पांडे, कमलेश सिंह, राजकुमार, दिनेश यादव, राम अदालत, करुणाकर त्रिपाठी, योगेंद्र मिश्रा, सत्यपाल गिरी,  सरिता श्रीवास्तव, गीता जायसवाल, कृष्ण नारायण शुक्ल सहित बालिका विद्यालय की प्रभारी अंजू चौहान की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

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