पवित्र रमजान में भी बहकावे में आकर बाप ने बेटी की लाश का बना दिया तमाशा

March 27, 2024 1:18 PM0 commentsViews: 348
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शाहीन की लाश के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वजह करंट  लगने से हुई मौत की पुष्टि हुई, ससुरालियों लिया चैन की सांस, क्या शाहीन के पिता हैं शर्मिंदा

नजीर मलिक

मुतका शहीन

सिद्धार्थनगर। इस्लाम के अनुसार पवित्र रमजान के महीने में जन्नत के दरवाजे खुल जाते हैं। शैतान को कैद  कर लिया जाता है। इसलिए लोग पूरे रमजान खुदा की इबादत में लगे रहते हैं। लेकिन 26 साल की विवाहिता शाहीन की मौत के बाद रमजान की अवधारणा टूटते हुए दिखी। उसकी मौत के बाद दहेज हत्या के नाम पर शहीन के पिता अब्दुल हन्नान ने बेटी के शव को जिस प्रकार केवल कहे सुने के आधार कब से निकलवा कर पोस्टमार्टम कराया, उससे शाहीन की रूह को ठेस लगी ही, उसके ससुराल वाले भी मानसिक प्रताड़ना के शिकार हुए। शाहीन के पिता ने पवित्र रमजान के महीने में जिस प्रकार शहीन के ससुराल वालों पर कत्ल का इल्जाम लगाया उससे रमजान की पाकीजगी पर यकीनन ठेस लगी होगी।

कब्र से क्यों निकाली गई लाश

शाहीन के शव को कब्र से निकाल कर पोस्टमार्टम कराने के बाद दी गई रिपोर्ट में उसकी मौत की वजह ‘बिजली का करंट लगने से मौत’ बताई गई है। 26 वर्षीया शाहीन के पिता ने उंसके ससुराल वालों दहेज के लिए बेटी की हत्या करने की आशंका व्यक्त करके पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। डीएम के आदेश पर ढेबरुआ पुलिस ने एसडीएम शोहरतगढ़ की मौजूदगी में क्षेत्र के पकड़िहवा में रविवार को कब्र से शव निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।

क्या थी पूरी कहानी

कठेला थाना क्षेत्र के कठेला गर्वी गांव के टोला लबारडीह के रहने वाले अब्दुल हन्नान ने 16 मार्च को ढेबरुआ थाने में तहरीर देकर बताया कि उनकी पुत्री शाहीन का विवाह छह वर्ष पहले ढ़ेबरुआ थाना क्षेत्र के पकड़िहवा निवासी जमाल अहमद के पुत्र मंजूर आलम से हुआ था। उसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में 15 मार्च को हो गई। ससुराल पक्ष के लोगों ने आनन-फानन में उसे दफना दिया। इसके बाद उसने ढेबरुआ थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। हन्नान ने हत्या की आशंका जताते हुए पोस्टमार्टम की मांग की। डीएम ने शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराने का आदेश दिया था।

एसडीएम की मौजूदगी में 24 मार्च को कब्र से शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करंट से मौत की बात सामने आई है। मृत्यु का कारण इलेक्ट्रिक शॉट आया है। मृतका के मायके और ससुराल  पक्ष को इस संबंध में जानकारी दे दी गई है।

जरूरी सवाल

बहरहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शाहीन की मौत का प्रकरण समाप्त हो गया है। मगर एक सवाल जरूर उठता है कि जब बेटी की मौत पर उसके पिता खुद उसके जनाजे में शामिल थे तब कत्ल की कोई शंका भी नहीं थी।फिर दूसरे दिन उन्होंने पुलिस को झूठी रिपोर्ट क्यों दी कि उसकी बेटी को दहेज के लिए मारा गया है। बताते हैं कि शाहीन के सुसुरालियों के बहकावे में बहकावे में आकर शाहीन के द्धारा यह कृत्य किया गया पिता के इस कदम से शाहीन के ससुराल वालों पर क्या बीती होगी वह भी रमजान के पवित्र महीने में? सोचिए, इस पवित्र माह में एक बाप की गलत बयानी से खुद की बेटी की लाश की रुसवाई के सिवा पिता हन्नान को और क्या हासिल हुआ? अब इसका जवाब पाठक खुद तय करे कि सुनी सुनाई बातों पर शाहीन के बाप ने जो कदम उठाया, वह सही था या गलत?

 

 

 

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