दहेज हत्या के मुकदमें से भाभी समेत बरी हुए पति ने अपने साले के खिलाफ दर्ज कराया मुकदमा

December 6, 2023 1:47 PM0 commentsViews: 271
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झूठी गवाही देकर पूरे परिवार को परेशान करने का वाद दायर, काफी समय तक काटनी पड़ी थी जेल, आखिर में साक्ष्य के आभाव में बरी हुआ परिवार

नजीर मलिक

सिद्धार्थनगर। उपनगर बांसी में दहेज हत्या के आरोपी पति और उसकी भाभी ने कोर्ट द्धारा बरी होने के पश्चात झूठी गवाही देने वाले मृतका के भाई के खिलाफ पलट कर मुकदमा लिखाया है। अब इस मामले का न्यायालय परीक्षण करेगा। दहेज हत्या के मामले में यह जिले के एक मात्र केस है जिसमें प्रतिवादी ने दोषमुक्त होने पर वादी पक्ष अर्थात मृतका के भाई के खिलाफ न्यायालय में झूठा केस बनाने का मुकदमा दर्ज कराया है।जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक द्धारा दहेज हत्या आरोपी पति व जेठानी को दोषमुक्त करने के बाद यह मुकदमा दायर किया गया। दरअसल न्यायालय में गवाही के दौरान सभी साक्षी मुकर गए थे, जिससे घटना अभियुक्तों द्वारा किया जाना साबित नहीं हुआ। मृतका का पति शाहरूख एवं जेठानी शकीला कोतवाली बांसी के मोहल्ला अशोक नगर निवासी हैं। फैसले के बाद शाहरुख की फरियाद पर  कोर्ट ने वादी मुकदमा मृतका के भाई आदिल निवासी बोदला सराय, थाना जगदीशपुरा, जिला आगरा के विरुद्ध न्यायालय में झूठी गवाही देने के अपराध में केस दर्ज कर लिया है।

बता दें कि घटना कोतवाली बांसी थानाक्षेत्र के मोहल्ला अशोकनगर में घटी थी। आदिल पुत्र फाजिल ने पुलिस को तहरीर दिया कि उसकी बहन मुन्नी का विवाह डेढ़ साल पहले सन 2019 में शाहरूख पुत्र लाले निवासी मोहल्ला अशोकनगर, नगर व थाना बांसी के साथ हुआ था। मुन्नी के ससुराल वाले उसके पति, जेठ, जेठानी अधिक दहेज न मिलने से खुश नहीं थे। उसकी बहन को कम दहेज लाने के कारण मारते-पीटते प्रताड़ित करते रहते थे इस बीच 31 मार्च 2022 को उसकी बहन ने फोन करके बताया कि ससुराल में मेरे पति, जेठ व जेठानी मुझसे मारपीट करते हुये लड़ाई-झगड़ा कर रहे हैं। आप लोग तुरंत मेरे ससुराल आ जाओ, मुझे यहां से ले चलो नहीं तो जान से मार देंगे। और वह अगले दिन सुबह 10 बजे मुन्नी के ससुराल पहुंचे तो वहां उनकी बहन मृत मिली।  लोगों ने पुलिस ने केस दर्ज विवेचना किया और पति व जेठानी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान गवाह मुकर गए जिससे साक्ष्य के अभाव में अभियुक्तों को न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया। जिसके बाद ढूठी गवाही देकर जेल भिजवाने के आरोप का यह मुकदमा  कायम हुआ।

 

 

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