शरीयत में किसी की दख़ल नाक़ाबिले बर्दाश्त– क़ारी शफ़ातुल्लाह

November 4, 2016 12:34 PM0 commentsViews: 173
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संवाददाता

shariyat

बलरामपुर। शरीयत ए मोहम्मदी में किसी की भी दख़ल अंदाज़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।साम्प्रदायिक ताक़तों को अल्लाह के बनाए क़ानून में दखलंदाज़ी की सज़ा ज़रूर मिलेगी।भारतीय जनता पार्टी के केन्द्र सरकार में आते ही पूरे मुल्क में साम्प्रदायिकता को बल मिला है जिसकी वजह से देश की धार्मिक एकता कमज़ोर हुई है।

यह बातें हस्ताक्षर अभियान के अवसर पर क़ारी शफातुल्लाह रज़वी ने कहीं । उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक मुस्लिम समुदाय कल भी शरीयत मोहम्मदी का पैरोकार था आज भी है और हमेशा रहेगा। कोई भी यज़ीदी हुकूमत शरीयत के क़ानून में ज़रा सा भी बदलाव नहीं कर सकती ।

कारी साहब ने कहा कि अगर किसी नें इसमें बदलाव करने की जुर्रत की तो पूरी दुनिया का मुस्लमान  इसका विरोध करेगा। और फिर दुश्मनाने शरीयत को अपनी नापाक हरकत का खमियाज़ा भुगतना पड़ेगा। इस अवसर पर ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ के द्वारा भेजे गए फार्म को भी भरवाया गया।

जमील खान, मोहम्मद मुख़्तार अहमद उर्फ़ पप्पू, मोहम्मद अशरफ़ रज़ा, हाफ़िज़ रेहान रज़ा, मोहम्मद वसीम आदि दर्जनों लोगों नें साक्षरता अभियान और फार्म भरवाने में अहम रोल अदा किया।

यह बातें हस्ताक्षर अभियान के अवसर पर क़ारी शफातुल्लाह रज़वी ने कहीं । उन्होंने कहा कि बहुसंख्यक मुस्लिम समुदाय कल भी शरीयत मोहम्मदी का पैरोकार था आज भी है और हमेशा रहेगा। कोई भी यज़ीदी हुकूमत शरीयत के क़ानून में ज़रा सा भी बदलाव नहीं कर सकती ।

कारी साहब ने कहा कि अगर किसी नें इसमें बदलाव करने की जुर्रत की तो पूरी दुनिया का मुस्लमान  इसका विरोध करेगा। और फिर दुश्मनाने शरीयत को अपनी नापाक हरकत का खमियाज़ा भुगतना पड़ेगा। इस अवसर पर ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ के द्वारा भेजे गए फार्म को भी भरवाया गया।

जमील खान, मोहम्मद मुख़्तार अहमद उर्फ़ पप्पू, मोहम्मद अशरफ़ रज़ा, हाफ़िज़ रेहान रज़ा, मोहम्मद वसीम आदि दर्जनों लोगों नें साक्षरता अभियान और फार्म भरवाने में अहम रोल अदा किया।

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