शिवशंकर मर्डर मिस्ट्रीः असम से आई लाश, लोगों ने कहा हत्या, रास्ता जाम किया, विधायक के खिलाफ नारेबाजी

August 10, 2020 3:17 pm1 commentViews: 2160
Share news

— भाजपा सदर विधायक के पड़ोस का मामला

असम में मरा था शिवशंकर, मारने का आरोप यहीं के एक ठेकेदार मुरली नामक व्यक्ति पर

नजीर मलिक

सड़क पर शिवशंकर की लाश के साथ राते बिलखते परिजन

सिद्धार्थनगर। जिला मुख्यालय से लगाग तीन मिी दूर जगदीशपुर ग्रांट चौराहे के पास ग्रामीणों ने शव को रख कर रास्ता जाम कर दिया। यह मृतक शिवशंकर कि रहस्यपूर्ण मौत हालांकि असम प्रदेश में हुई थी। परन्तु ग्रीमीणों का कहना था कि उसका साजिशकर्ता इसी जिले का है। रास्ता जाम के दौरान बताते हैं कि ग्रामीणों ने अपना गुस्सा क्षेत्रीय भाजपा विधायक पर भी निकाला, जो सारी घटना अपने आवास से देखने के बावजूद भी खामोश थे। बाद में उन्होंने ही फोन कर मौके पर पुलिस को बुलाया।

बताया तजाता है कि आज यानी सोमवार सुबह आठ बजे से ही शिवशंकर के शव के साथ् ग्रामीण पुलिस प्रशसन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश व्यक्त कर रहे थे। उनकी मांग थी कि पुलिस शिवशंकर के कत्ल का मुकदमा दर्ज करे और मामले की जांच करे।

लगभग 12 बजे के आस पास लोगों ने देखा कि सदर विधायक अपने घर के पास से सारा दृश्य देख रहे थे, लेकिन उनके दुख के बारे में उदासीन थे। यह देख ग्रामीण बौखला उठे। सभी ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और तजी से उनकी तरफ बढ़ने लगी।

यह दृश्य देख विधायक घर के भीतर चले गये और पुलिस को फोन कर दिया। कुछ लोग तो यहां तक कहते हैं कि विधायक को अपशब्द कहे गये परन्तु विधायक से बात न हो पाने के कारण इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

आखिर क्या है मामला?

घटना के विषय में बताया जाता है कि जगदीशपुर का 32 साल का शिवशंकर असम में अपने ही जिले के एक लकड़ी व्यवसाई मुरली शर्मा के यहां काम करता था। इधर लाकडाउन के समय शिवशंकर अपने गांव चला आया था। शिवशंकर की पत्नी कैलाशमती के अनुसार उसके पति का पांच लाख रुपया मुरली पर बकाया था। इधर लगातार तकाजे के चलते ठेकेदार ने पैसे देने के लिए असम बुलाया था। वह पिछले सप्ताह असम गया, लेकिन वहां से पैसे के बजाये उसकी मौत की खबर आई और आज 10 अगस्त सोमवार को उसकी लाश भी आई।

लाश पर चोट के निशान थे

असम में शिवशंकर की हुई मौत का कारण स्वाभाविक बताया  गया था। परन्तु जब उनकी लाश घर पहुंची तो पत्नी कैलाशमती और एक अन्य परिजन राधेश्याम के मुताबिक मृतक के शरीर पर चोटों के निशान थे। यह देख कर  वह सोमवार सूर्योदय के समय सिद्धार्थनगर थाने पर पहुंच गये। उन्होंने मामले का मुकदमा लिखे जाने की बात कही मगर सिद्धार्थनगर पुलिस ने उन्हें गाली देकर भगा दिया। उसके बाद लगभग आठ बजे शव सहित रास्ता जाम शुरू हुआ। बहरहाल शव सहित 4 घंटे रास्ता जाम और भाजपा विधायक के खिालाफ नारेबाजी से इतना तो हुआ कि मौके पर पुलिस पहुंच गई और रास्ता जाम खतम करने का प्रयास करने लगी। उसने मुकदमा लिखे जाने की बात भी मान ली।

शिवशंकर की पत्नी ने कहा

इस बारे में मृतक शिवशंकर की पत्नी कैलाशमती ने कहा कि उसके पति जब असम में फोन पर रूपयों की बात करते थे तो एक बार उधर से कहा गया कि ज्यादा बवालकरोगे तो तो तुम्हारा नामां निशन टि दिया जायेगा। इस लिए मामले की जांच जरूरी है। बहरहाल अभी तो मामा बहद गर्म है, आगे क्या होगा यह देखने की बात है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने मामले की तहरीर प्राप्त कर ली है, जिसमें मुश्रली को हत्या का अभियुकत बनाया गया है।

(2004)

Leave a Reply


error: Content is protected !!