सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन, मांगें न मानने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आंदोलन के प्रथम चरण के तहत (30 अक्टूबर 2026, शुक्रवार) सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी और अधिशासी अभियंता के माध्यम से मुख्यमंत्री, सिंचाई मंत्री, प्रमुख सचिव (सिंचाई), प्रमुख अभियंता (विभागाध्यक्ष) तथा प्रमुख अभियंता (यांत्रिक) को भेजा।
सिंचाई विभाग के नलकूप चालकों एवं सिंचपालों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित एक महीने की समयावधि के भीतर सरकार और शासन द्वारा उनकी न्यायसंगत मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो विभाग के सभी कर्मचारी आंदोलन के अगले चरण के लिए बाध्य होंगे।
आंदोलन की प्रमुख मांगें:
- नियमावली में आवश्यक संशोधन करना।
- रिक्त पदों पर नई नियुक्तियां प्रारंभ करना।
- वेतन विसंगतियों को दूर करना।
- विनियमित किए गए नलकूप चालकों की पुरानी सेवा अवधि को जोड़कर पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करना।
अगली रणनीति:
कर्मचारियों का कहना है कि यदि एक माह के भीतर ठोस वार्ता और समाधान नहीं निकाला गया, तो वे शासन के सहानुभूति में किए जा रहे सभी अतिरिक्त कार्यों का पूर्णतः बहिष्कार कर देंगे तथा उससे संबंधित अभिलेख कार्यालय में जमा करा देंगे। इस दौरान कर्मचारी केवल अपने मूल कार्य स्थल का कार्य संभालेंगे।
संगठन के अनुसार, यदि विभाग की सेवाओं पर कोई असर पड़ता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। एक महीने की समय-सीमा पूरी होने के बाद प्रांतीय नेतृत्व द्वारा अगले बड़े प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की जाएगी, जिसका समर्थन प्रदेश के सभी सिंचाई खंड करेंगे।





