श्रीराम कथा: पांचवे दिन श्रीराम-सीता के विवाह होते ही जयकारों से गूंज उठा सभागार
अजीत सिंह
सिद्धार्थनगर। नगर पालिका परिषद स्थित अवेद्यनाथ सभागार में चल रहे अमृतमयी श्रीराम कथा महोत्सव के पांचवें दिन मंगलवार को प्रभु श्रीराम और माता सीता के विवाह प्रसंग का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया। जैसे ही कथा में विवाह का प्रसंग आया, पूरा सभागार जय श्रीराम और सीताराम के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति के रस में सराबोर होकर झूमने लगे।
अयोध्या धाम से पधारे अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक संत गौरव कृष्ण शास्त्री ने अपने मधुर और ओजपूर्ण प्रवचन के माध्यम से जनकपुर में आयोजित स्वयंवर और विवाह की पावन कथा का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह केवल एक पारिवारिक आयोजन नहीं, बल्कि धर्म, मर्यादा और आदर्शों की स्थापना का प्रतीक है। श्रीराम जी का जीवन हमें कर्तव्य, सत्य और मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा देता है और माता सीता त्याग, समर्पण और आदर्श नारीत्व की प्रतिमूर्ति हैं। उनके पावन मिलन से संपूर्ण सृष्टि आनंदित हो उठी थी।
विवाह प्रसंग के दौरान भजन-कीर्तन और मंगल गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। श्रद्धालु भाव-विभोर होकर नृत्य करते नजर आए और कई लोग आंखों में आंसू लिए इस दिव्य क्षण का आनंद लेते रहे। मंगलवार को मुख्य यज्ञमान महेश्वर अग्रहरि, अनिल वर्मा व रमेश गुप्ता ने अपनी-अपनी पत्नियों के साथ पूजन-अर्चन किया। पूजन अर्चन कराने में अंब्रीश नारायण पांडेय, ब्रम्ह्मानंद रामायणी, अगस्त मिश्र, शेखर दास की भूमिका अहम रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
आयोजकों द्वारा कथा स्थल पर सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी। अंत में आरती के साथ प्रसाद वितरण किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोगों राम चरित मानस पुस्तक भेंट किया गया। सदर विधायक श्यामधनी राही, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद माधव समेत सत्य प्रकाश राही, दिनेश चंद्र पांडेय, अजय कसौंधन, भीम चंद्र कसौंधन, देवेंद्र प्रताप सिंह गहरवार, जय प्रकाश मिश्रा, लाल आनंद प्रकाश, पप्पू चौबे, विनोद बजाज, आलोक उपाध्याय, कामेश्वर त्रिपाठी, अनिल जायसवाल, प्रमोद जायसवाल, राजकुमार गुप्ता, कृष्ण कुमार, शिव कुमार जायसवाल, शिव कुमार कसौधन, राजकमल जायसवाल, मनीष जायसवाल आदि की मौजूदगी रही।






