ठंड के साथ गलन बढ़ी, क्या गरीबों, बेसहारों की चिता जलने के बाद जलेगा अलाव साहब जी ?

December 21, 2020 3:09 pm0 commentsViews: 104
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अनीस खान

कपिलवस्तु, सिदार्थनगर। बीते शनिवार से मौसम का मिजाज बहुत सर्द गया है। पिछले चार दिनों से ठंड के साथ गलन में भी निरंतर वृद्धि हो रही है। अमीर अफसरशही रजाई और हीटर से मेंटेन गुनगुने तापमान के बीच सर्दी के एहसास का गुलाबी मजा ले रहे हैं और बेचारा गरीब बढ़ती सर्दी के कारण अपने अरमानों की चिता जलाने में व्यस्त है। हां कुछ मानवीय संवेदना समझने वाले खामोशी से गरीबों की मदद में लगे हुए है।

इस मौसम में जबकि गरीब को सर्दी निरोधक यानी अलाव की सख्त जरूरत है। मगर तहसील प्रशासन का पता नहीं है। शयद वह अलाव के लिए सरकार सरकार से मिले धन ही कहीं जलाने में व्यस्त है। नगरपालिका की हालत और भी गजब है। वह अपने शहरियों के लिबास और मोहल्लों में साहब को मिले मतों के हिसाब से  लकड़ियां भिजवाती है। वह भी एक आध बार नाम मात्र नाम के लिए। सभासद भी क्या करें, उनकी कोई सुनता ही नहीं।

गांवों में भी सरकारी अलाव का पता नहीं— देवेश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

बर्डपुर से हमारे रिपोर्टर के मुताबिक मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। रविवार को दिन में दोपहर बाद धूप निकलने से लोगों को राहत हुई। शाम होते ही सर्द हवा के बीच गलन ने लोगों को कंपा दिया।शहर से लेकर देहात तक शाम होते की कोहरे ने राहगीरों को परेशान किया। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। शाम को गलन के चलते झुग्गी झोपड़ी में गुजर-बसर करने वालों को परेशान होना पड़ रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार का फरमान की गांव शहर के चौराहों पर अलाव का इंतजाम किया जाये। लेकिन इसका असर न के बराबर देखने को मिल रहा है, वही क्षेत्र के  ग्राम सभा बजहा के प्रधान मो इब्राहिम ने रविवार को लकड़ी खरीद  कर गांव में अलाव की व्यवस्था कराया है। जिसकी ग्रामीणों ने सराहना की है। अलाव से लोगो को कुछ राहत जरूर मिली है, इसके बावजूद गलन से लोग परेशान हुए। वही अन्य ग्रामीण इलाकों का हाल यह है कि कहीं भी चौराहों पर अलाव का इंतजाम नहीं है। जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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