मै चुनाव के जरिए लोगों के दिलों को जीतने निकला हूं– जमील

December 11, 2016 2:54 PM0 commentsViews: 260
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नजीर मलिक

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सिद्धार्थनगर। मोहम्मद जमील सिद्दीकी फिलवक्त नगरपालिका सिद्धार्थनगर के चेयरमैन हैं।शोहरतगढ़ विधान सभा सीट से बसपा प्रत्याशी हैं। छात्र जीवन से राजनीति से करने वाले सिद्दीकी ने समाजवादी चिंतक बृज भूषण तिवारी से राजनीति का ककहरा सीखा।युवाओं के आइकॉन हैं ।बतौर चेयरमैन उन्होंने सिद्धार्थनगर में विकास की लंबी रेखा खींची है ।शख्सियत ऐसी है कि लोग दलगत और वैचारिक प्रतिबद्धता से इतर भी उनकी प्रशंसा करने से नहीं झिझकते। वरिष्ठ पत्रकार सग़ीर ए खाकसार ने इस युवा और दूरदर्शी राजनीतिज्ञ से बातचीत की।

जमील सिद्दीकी ने बेबाकी से अपनी बात कही। राजनीति में आने का मेरा मकसद समाज सेवा था।समाज की बेहतरी के बारे में फिक्रमंद युवाओं को सियासत में आना चाहिए। यह देश और समाज को बेहतर दिशा में ले जाने का एक सशक्त माध्यम है। मेरा मकसद सिर्फ चुनाव जीतना नहीं है।मैं दिलों को जीतने निकला हूँ।आवाम से मिल रहे प्यार से अभिभूत हूँ। विकास ही मेरा मकसद है। सिद्धार्थ नगर की आवाम ने मुझे चेयरमैन बनाया।मैंने वहां बिना किसी भेदभाव के विकास किया।

उन्होंने कहा कि अब शोहरतगढ़ विधान सभा की बारी है। यह क्षेत्र बहुत पिछड़ा हुआ है। सड़कों की हालत बहुत खराब है। किसान बेहद परेशान हैं। सपने पाले युवाओं के चेहरे मुरझाए हुए हैं।बच्चियों के लिए उच्च शिक्षा का इंतज़ाम नहीं है।उपरोक्त मुद्दे मुझे बहुत परेशान करते हैं।

मानव विकास सूचकांक में भी मेरे ज़िले की तस्वीर अच्छी नहीं है।ईमानदारी से विकास के लिए काम करने की ज़रूरत है।शोहरतगढ़ की आवाम की खिदमत के लिए चुनाव मैदान में हूँ। सिद्दीकी कहते हैं क़ि मैं जीवन में कभी निराश नहीं होता।मैं आशावादी हूँ।निराश मैं कभी नहीं होता और न मैं किसी को निराश करता हूँ।

 

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