सत्ता पक्ष के दबाव में बैनामेदार का उत्पीड़न कर रही उस्का बाजार पुलिस, सुनवाई नहीं हो रही कप्तान साहबǃ

November 16, 2017 4:24 PM0 commentsViews: 422
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नजीर मलिक

बैनामेदार चन्द्रिका प्रसाद के पुत्र सुनील कुंमार अपनी व्यथा सुनाते हुए

सिद्धार्थनगर।  जमीन के विवाद में आम तौर पर शांति व्यवस्था बनाने के अलावा पुलिस के पास और कोई अधिकार नहीं है, मगर उसका बाजार पुलिस इससे परे हट कर काम कर रही है। वह जमीन विवाद के एक मामले में बैनामेदार के उसके कब्जे से बेदखल करने का प्रयास करने वालों का साथ दे रही है। पाड़ित वादी का आरोप है कि  यह खेल सत्ता के प्रभाव से खेला जा रहा है।

क्या है मामला?

जिले के उस्का बाजार निवासी चन्द्रिका प्रसाद ने  कानपुर निवासी इन्द्र नारायन गर्ग  से  गत 23 अगस्त 2016 को 4.9 हैक्टेयर रक्बा के आम के बाग और खेत का बैनामा कराया। यह सम्पत्ति बगल की ग्राम सभा सरौली की थी। 20 फरवरी 2017 को जमीन का खारिज दाखिल भी उनके नाम हो गया और वे जमीन पर काबिज भी हो गये। इस दौरन उन्होंने बैनामा शुदा बाग/जमीन में एक मकान भी बना लिया।

फिर आया नया मोड़

अचानक इस बैनामे और खारिज दाखिल के बाद  दो नाम सामने आये। रेवतीरमण दास पुत्र पुरुषोत्तम दास निवासी गोरखपुर और प्रेम नायायण दुबे इस खारिज दाखिल के खिलाफ एसडीएम न्यायालय में गये। उन्होंने इस जमीन को सीलिंग की बता कर नामांतरण खारिज करने की अपील की। एसडीएम ने क्रेता  चन्द्रिका प्रसाद की अपील 8 सितम्बर 2017  को  खारिज कर दिया। जिसकी अपील पीड़ित पक्ष ने कमिश्नर के न्यायालय  में अपील कर दिया।

पुलिस क्या कर रही है?

अब यहां से पुलिस की भूमिका शुरु होती है। पुलिस को चाहिए कि विवादित जमीन पर दोनो पक्षों को दखलअंदाजी करने से रोके, मगर पुलिस उलटा कर रही है। वह बैनामेदार चन्द्रिका प्रसाद को जमीन पर जाने से रोक रही है, मगर दूसरे पक्ष को वह कुछ भी करने की खुली छूट दे रही है। पीड़ित बैनामेदार का कहना है कि  कि सत्ता पक्ष के दबाव में पुलिस विपक्षी को शह देकर उनके बैनामाशुदा जमीन से डेढ बीघा खेत पर  पर जबरन कब्जा करा दिया है।

कप्तान साहब क्रेता डरा हुआ है

बैनामेदार इस घटना से डरा हुआ है। उसका पुलिस की निरंकुशता से विपक्षी के हौसले बुलंद हैं। के्रेता  चन्द्रिका प्रसाद के बेटे सुनील कुमार   का कहना है कि मुकामी पुलिस उनकी कुछ नहीं सुनती है।  अपर पुलिस अधीक्षक ने भी उस्का पुलिस को निर्देश दिया, लेकिन वह भी बेअसर साबित हुआ।  पीडित चन्द्रिका प्रसाद के पुत्र सुनील कुमार ने एसपी सिद्धार्थनगर से उस्का पुलिस को निर्देश देकर कानून सम्मत कार्रवाई की मांग की है।

     

 

 

 

 

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