एमएलए विनय वर्मा के “लेटर बम” ने इस बार जिले की किस सियासी हस्ती पर साधा निशाना

May 23, 2025 12:32 PM0 commentsViews: 632
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डीआरएम ने जवाब नहीं दिया तो विशेषाधिकार हनन के तहत

सदन में उठायेंगे यह मामला- शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा

 

नजीर मलिक

विधायक विनय वर्मा एक कार्यक्रम में भाग लेते हुए

सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम को पत्र लिखकर सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन पर आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में उन्हें न बुलाये जाने पर आपत्ति जताते हुए एक बडा सवाल किया है। सवाल है कि उन्हें कार्यक्रम में न बुलाने के पीछे किस नेता की साजिश थी। भाजपा के अंदरूनी जानकार एनडीए विधायक के इस सवाल को लेटर बम की संज्ञा दे रहे हैं। 

शोहरतगढ़  क्षेत्र से अपना दल विनय वर्मा ने रेलवे के डीआरएम पत्र भेज कर पूछा है कि जनप्रतिनिधि होने के बावजूद उन्हें कार्यक्रम में क्यों नहीं बुलाया गया। जबकि अमृत योजना के तहत आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का था, जो सबका कार्यक्रम था।  इसमें जिले के सभी विधायक सांसद बुलाये जाने चाहिए थे। मै तो गठबंधन सरकार का विधायक था। फिर भी  मुझे क्यों और किसके इशारे पर नहीं बुलाया गया? उन्होंने सवाल किया कि इसके पीछे किसकी राजनीति थी और इसको क्रियान्वित करने में आपकी क्या भूमिका थी? उन्होंने कहा कि यह बेहद दुखद, भर्त्सना करने योग्य व लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध है, जो कि मेरे लिए बेहद कष्टकारी है। मेरे द्वारा फोन पर पूछने पर भी अभी तक आपने इसके कारण की कोई सूचना भी नहीं दी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए डीआरएम से पूछा कि इस कृत्य के लिए क्यों न आपके विरुद्ध कार्रवाई  (विशेषाधिकार हनन) व जांच से संबंधित पत्राचार किया जाए।

विधाययक वर्मा ने अपने पत्र में किसी का नाम नहीं लिया है परन्तु समझने वाले समझ गये कि यह काम किसके इशारे पर किया गया है। खुद भाजपा, सपा व कांग्रेस के जानकार कहते हैं कि जो व्यक्ति शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विधायक विनय वर्मा की जगह अपने किसी करीबी के लिए टिकट चाह रह होगा, या जिसका प्रभाव केन्द्र सरकार के रेल जैसे महत्वपूर्ण विभाग पर होगा, वही ऐसा कर सकता है। जिले में यह राजनीतक कौशल व क्षमता किस राजनीतिज्ञ में है यह सभी लोग जानते हैं।

इस सम्बंध में विधायक विनय वर्मा ने बताया कि उन्होंने नाम किसी का नहीं लिया। उन्होंने एक साजिश के खुलासे की मांग जरूर की है। अगर डीआरएम इसका जवाब नहीं देते तो वे इस मामले को सदन में जरूर उठायेंगे। यह प्रोटोकाल और मर्यादा का सवाल है। बता दें कि कल जिले में रेल विभाग का उद्घाटन कार्यक्रम था। जिसमें अनेक छोटे बड़े नेता तो निमंत्रित थे, मगर विनय वर्मा को निमंत्रण पत्र नहीं दिया गया था।

 

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